प्रतापगढ़: रेप की कोशिश में टीचर की हड्डियां तोड़ चाकुओं से गोद डाला शरीर, हैवानियत देख डॉक्टर भी रह गए सन्न

प्रतापगढ़: रेप की कोशिश में टीचर की हड्डियां तोड़ चाकुओं से गोद डाला शरीर, हैवानियत देख डॉक्टर भी रह गए सन्न

इलाहाबाद। यूपी के प्रतापगढ़ जिले में एक महिला के साथ वहशियों ने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है। दुष्कर्म का विरोध करने पर महिला के हाथ-पैर तोड़ डाले गए और पूरा शरीर चाकुओं से गोद डाला गया। गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल ले जाई गई महिला ने दम तोड़ दिया है। यह ठीक उसी तरह की हैवानियत है जैसा दिल्ली में निर्भया के साथ हुआ था। महिला के साथ हुई हैवानियत देखकर पुलिस और डॉक्टरों के भी रोंगटे खड़े हो गए। पुलिस के अनुसार डंडे और लोहे के रॉड से पीट-पीटकर महिला के हाथ-पैर कई जगह से तोड़ दिए गए थे। शरीर का काफी हिस्सा हड्डी टूटने से घूम गया था। जबकि चाकू से उसके शरीर को जगह-जगह फाड़ दिया गया था और मांस के लोथडे बाहर लटकने लगे थे। हत्यारे उसे मरा समझकर छोड़ गए थे, लेकिन जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो वह जिंदा थी, परन्तु डाक्टर इलाज के दौरान उसे बचा नहीं सके।

अस्पताल में दिया बयान पुलिस के अनुसार महिला ने अस्पताल में अपना आखिरी बयान दिया है। आधा दर्जन दरिंदों ने दुष्कर्म का प्रयास किया था, लेकिन महिला के विरोध के चलते जब वह सफल नहीं हुए तो उसे बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया। पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया गया। अस्पताल में महिला ने अपना बयान भी दे दिया है लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

महिला को देखकर सिहर उठे लोग प्रतापगढ़ के टेंउंगा गांव निवासी फातिमा (परिवर्तित नाम) (42) पास के ही इंग्लिश मीडियम स्कूल में टीचर थी। वह पढ़ी-लिखी और अपने पैर पर खड़ी सशक्त महिला थी। उसके परिजन दिल्ली में रहते थे रहते हैं और वह यहां अकेली ही रह रही थी। रात में आधा दर्जन लोग उसके घर में घुसे थे और दुष्कर्म की कोशिश की थी। राबिया ने अपनी ताकत भर इसका विरोध किया और वहसियों को उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया। राबिया के विरोध पर वहसियों ने लाठी- डंडे पर लोहे के रॉड से राबिया के पैर हाथ को कई जगह से तोड़ दिया।

पड़ोसी देखकर रह गए दंग चीख पुकार सुनकर जब पड़ोसी राबिया की घर की ओर दौड़े तो वहसी फातिमा (परिवर्तित नाम) को मरा समझकर भागने लगे। घर के अंदर जब पड़ोसी पहुंचे तो फातिमा का हाल देखकर हर कोई सिहर उठा। राबिया का शरीर पूरी तरह से खून से लथपथ था। हाथ पैर-टूट कर कई जगह से झूल चुके थे। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे इलाहाबाद रेफर किया गया। इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान राबिया ने दम तोड़ दिया।

वहशियों ने पार कर दी हद राबिया के साथ जो कुछ भी हुआ वह दिल्ली में निर्भया कांड जैसा था। फातिमा के ऊपर वहसियों ने वहशीपन की सारी हदें पार कर दी थी ।राबिया के शरीर पर जगह जगह मांस फट गया था पैर कई जगह से टूट कर झूल चुका था। हर तरफ से खून का स्राव हो रहा था। राबिया वहसियों का शिकार होकर हमेशा के लिए यह दुनिया छोड़कर चली गई और अपने पीछे छोड़ गई सैकडों सवाल। निर्भया के लिये जली मोमबत्ती का जो प्रकाश था शायद अब बिल्कुल खत्म हो चुका है। समाज में वैसे ही दरिंदे घूम रहे हैं और यह अब साफ हो गया कि महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं है।

ग्रामीणों ने बताया दरिंदों का नाम दिल्ली में राबिया के परिजनों को सूचना मिल गई है और वह घर वापस लौट रहे हैं । अभी तक पुलिस को तहरीर नहीं मिल सकी है , लेकिन घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव के ही दबंगों पर हैवानियत का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार ग्रामीणों ने गांव के दबंग गुड्डू पासी व मदन पासी को इसका जिम्मेदार ठहराया है, जिन्होंने अपने 4 साथियों के साथ राबिया को अपनी हवस का शिकार बनाना चाहा और नाकाम होने पर उसे मौत के घाट उतार दिया।

पिटे थे खूब दरिदें पर…. ग्रामीणों ने बताया कि गुड्डू और मगन आए दिन गांव में छिछोरी हरकत करते थे। किसी की भी बहन बेटी का हाथ पकड लेना उनका रोज का काम था। कुछ दिन पहले ही ग्रामीणों ने इन दोनों की जमकर पिटाई की थी हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था , लेकिन पुलिस ने इन पर कार्रवाई नहीं की और नतीजतन एक बार फिर से इनका मनोबल बढ़ा और राबिया को इन्होंने मौत के घाट उतार दिया। नकास कि इन पर पुलिस ने उस वक्त कार्रवाई की होती तो आज राबिया जिंदा होती।

Courtesy: oneindia.

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