इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए बड़े पैमाने पर पाइपलाइंस, रेलवे ट्रैक्स, पावर प्लांट्स, ट्रांसमिशन ग्रिड्स बेचेगी सरकार!

इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए बड़े पैमाने पर पाइपलाइंस, रेलवे ट्रैक्स, पावर प्लांट्स, ट्रांसमिशन ग्रिड्स बेचेगी सरकार!

नई दिल्ली
इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड्स (InvITs) के जरिए देश में पाइपलाइंस, रेलवे ट्रैक्स, पावर प्लांट्स और ट्रांसमिशन ग्रिड्स की बड़े पैमाने पर बिक्री की जा सकती है।सरकार को उम्मीद है कि इससे कंपनियों को मच्योर ऐसेट्स से पैसा बनाने और नए निवेश के लिए फंड जुटाने में मदद मिलेगी, जिसे देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने में लगाया जा सकेगा।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पहली फरवरी को पेश किए गए बजट में सुझाव दिया था कि नैशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को सड़कों से पैसा बनाने के लिए InvITs का उपयोग करना चाहिए। हालांकि इस आइडिया के दायरे में दूसरी ऐसेट्स को भी लाया जा सकता है। InvITs को 2014 में नोटिफाई किया गया था। पिछले साल रेग्युलेटर ने ऐसे निवेश को बढ़ावा देने के लिए नियम आसान कर दिए थे। भारत में दो लिस्टेड प्राइवेट सेक्टर InvITs हैं।

इकनॉमिक अफेयर्स सेक्रटरी सुभाष चंद्र गर्ग ने ईटी से कहा, ‘मच्योर ऐसेट्स को ट्रस्ट में बदला जा सकता है। निवेशक ट्रस्ट की यूनिट्स में निवेश कर सकते हैं और ओरिजिनल ऐसेट होल्डर को नया निवेश करने के लिए पैसा वापस मिल जाएगा।’ सरकारी कंपनियां पैसा जुटाने के लिए इन InvITs के जरिए अपनी ऐसेट्स की पूलिंग कर सकती हैं।

गर्ग ने ईटी से कहा, ‘पब्लिक सेक्टर में भी हमारे पास ढेर सारी ऐसेट्स हैं। पाइपलाइंस, रेलवे ट्रैक्स, पावर प्लांट्स से लेकर ट्रांसमिशन ग्रिड्स तक सभी मच्योर डिवेलप्ड ऐसेट्स हैं। इनसे पैसे बनाने के बारे में सोचा जा सकता है।’

एनएचएआई ने यह काम टोल, ऑपरेट ऐंड ट्रांसफर प्रॉजेक्ट्स के जरिए करना शुरू कर दिया है। रेलवे 30,000 किमी की इलेक्ट्रिक लाइंस को बेचने और लीज पर देने के बारे में सोच सकता है। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के पास 1,45,000 किमी लंबी ट्रांसमिशन लाइंस और 42,000 किमी का ऑप्टिक फाइबर है। गर्ग ने कहा, ‘एनएचएआई ने टीओटी के साथ शुरुआती की है। रेलवे और पावर ग्रिड इसके बारे में सोच रहे हैं।’

ग्रांट थॉर्नटन अडवाइजरी के डायरेक्टर नीरज शर्मा ने कहा कि इस कदम से देश का इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधारने के सरकारी कार्यक्रम में तेजी आएगी। उन्होंने कहा, ‘सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के पास मौजूद ऐसेट्स का मॉनेटाइजेशन InvITs बनाकर करने से देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने का अजेंडा तेज रफ्तार पकड़ेगा।’

जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा था कि हाइवेज अथॉरिटी फंड जुटाने के लिए इस इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट का उपयोग कर सकती है। उन्होंने कहा था, ‘अपनी मच्योर रोड ऐसेट्स के लिए मार्केट से इक्विटी जुटाने के लिए एनएचएआई अपनी रोड ऐसेट्स को एक स्पेशल पर्पज वीइकल के तहत लाने और टोल, ऑपरेट ऐंड ट्रांसफर और InvITs जैसे मॉनेटाइजेशन के इनोवेटिव स्ट्रक्चर्स का उपयोग करेगा।’

सरकार ने ऐसेट्स से पैसा बनाने के लिए 2016 में ऐसेट रीसाइकिलिंग की घोषणा की थी। इसके अलावा सरकार ने वित्त वर्ष 2019 के लिए 80,000 करोड़ रुपये सरकारी संपत्तियों के विनिवेश से मिलने का अनुमान जताया है।

Courtesy: NBT
Categories: Finance

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