भारत-साउथ अफ्रीका तीसरा वनडे : भारत की नजरें वनडे सीरीज में तीन मैच जीतकर इतिहास रचने पर

भारत-साउथ अफ्रीका तीसरा वनडे : भारत की नजरें वनडे सीरीज में तीन मैच जीतकर इतिहास रचने पर

भारतीय टीम साउथ अफ्रीका में द्विपक्षीय सीरीज में इससे पहले कभी दो से अधिक वनडे मैच नहीं जीत पाई है. मेहमान टीम ने 1992-90 में सात मैचों की सीरीज 2-5 से गंवाई थी, जबकि 2010-11 में भारत 2-1 की बढ़त बनाने के बाद पांच मैचों की सीरीज 2-3 से हार गया था. भारतीय टीम की नजरें पहली बार साउथ अफ्रीका की सरजमीं पर किसी द्विपक्षीय वनडे सीरीज में तीन मैच जीतकर इतिहास रचने पर टिकी हैं वो भी लगातार

लगातार दो जीत से आत्मविश्वास से भरा भारत बुधवार को केपटाउन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में जीत के साथ छह मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त लेने की कोशिश करेगा. भारत ने डरबन और सेंचुरियन में पहले दो वनडे में क्रमश: छह और नौ विकेट से आसान जीत दर्ज करते हुए मेजबान टीम को ध्वस्त किया था. भारत अगर जीत दर्ज करता है तो यह न्यूलैंड्स पर भारत की 1992 से पांच मैचों में तीसरी जीत होगी. भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ यहां तीन में से दो मैच गंवाए हैं और एक जीता है

खिलाड़ियों की चोटों से परेशान साउथ अफ्रीका

मेजबान साउथ अफ्रीका खिलाड़ियों की चोटों से परेशान है. उसके खराब प्रदर्शन का कारण कुछ हद तक ये समस्या भी है. एबी डिविलियर्स पहले वनडे मैच से पहले ही बाहर हो गए, जबकि फाफ ड्यू प्लेसी दूसरे वनडे से पहले. इन दोनों की अंगुलियों में चोट है. इसके अलावा दूसरे वनडे के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक भी बायीं कलाई में चोट के कारण सीरीज से बाहर हो गए.

हेनरिक क्लासेन सकते हैं पदार्पण 

क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने डिकॉक के विकल्प के तौर पर किसी को टीम में शामिल नहीं किया है और ऐसे में हेनरिक क्लासेन के पदार्पण करने की संभावना है जो यहां घरेलू वनडे टूर्नामेंट में तीसरे शीर्ष स्कोरर रहे. साउथ अफ्रीका के लिए डिकॉक का बाहर होना कुछ राहत भी ला सकता है, क्योंकि वह खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और भारत के खिलाफ टेस्ट और वनडे में कुल आठ पारियों में एक बार भी 50 रन के आंकड़े को नहीं छू पाए.

क्लासेन को हालांकि भारत के कलाई के स्पिनरों युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव का सामना करने का मौका नहीं मिला है जो पहले दो मैचों में मिलकर 13 विकेट चटका चुके हैं. साउथ अफ्रीका को उम्मीद है कि अगर मौका मिलता है तो क्लासेन हाशिम अमला के साथ मिलकर टीम को अच्छी शुरुआत दिला पाएंगे.

पारी की शुरुआत कर सकते हैं मार्करम

डिकॉक और अमला ने डरबन और सेंचुरियन में पहले दो मैचों में पहले विकेट के लिए क्रमश: 30 और 39 रन जोड़े जिसके बाद बाकी बल्लेबाज भारत के लेग स्पिनरों का सामना करने में नाकाम रहे. पहले मैच में सिर्फ ड्यू प्लेसी ही टिककर उनका सामना कर पाए और शतक जड़ा. कप्तान ऐडन मार्करम भी पारी की शुरुआत करने उतर सकते हैं. इससे पहले डरबन में चौथे नंबर पर खेलते हुए उन्होंने नौ, जबकि सेंचुरियन में तीसरे नंबर पर खेलते हुए आठ रन बनाए थे.

मध्यक्रम को मजबूत करने के लिए साउथ अफ्रीका अनुभवी बल्लेबाज फरहान बेहरदीन को अंतिम एकादश में जगह दे सकता है. टीम को ऐसे में खायेलिहले जोंडो को बाहर करना पड़ सकता है. साउथ अफ्रीका हालांकि दोनों मैचों में कुलदीप का शिकार बने डेविड मिलर को बाहर करके बेहरदीन और जोंडो दोनों को मैदान पर उतर सकता है.

डबरन में हार के बावजूद ड्यू प्लेसी ने कहा था कि दो स्पिनर उनकी टीम के संतुलन में फिट नहीं बैठते, लेकिन इसके बाद भी मार्करम ने कप्तान के रूप में अपने पहले मैच में इमरान ताहिर और तबरेज शम्सी के रूप में दो स्पिनर खिलाए. चोट के बावजूद ड्यू प्लेसी अब भी ड्रेसिंग रूम का हिस्सा हैं और दो स्पिनरों का खिलाने का फैसला संभवत: पिच को देखते हुए किया गया.

रैंकिंग अंक गंवाना नहीं चाहेगी कोहली एंड कंपनी 

सेंचुरियन में जीत के बाद भारत आईसीसी वनडे रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचा और केपटाउन में जीत से वह साउथ अफ्रीका पर बढ़त को मजबूत कर लेगा. साउथ अफ्रीका की जीत हालांकि भारत को दोबारा दूसरे स्थान पर धकेल देगी. टीम प्रबंधन हालांकि लगातार कहता रहा है कि वे रैंकिंग को अधिक तवज्जो नहीं देते, लेकिन कोहली एंड कंपनी अंक गंवाना नहीं चाहेगी और शीर्ष पर ही रहना चाहेगी.

Courtesy: Firstpost

 

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