अब सिर्फ तीन घंटे तक ही कर पाएंगे ताजमहल का दीदार, मकबरे को देखने के लिए खर्च करने होंगे अलग से पैसे

अब सिर्फ तीन घंटे तक ही कर पाएंगे ताजमहल का दीदार, मकबरे को देखने के लिए खर्च करने होंगे अलग से पैसे

अप्रैल माह से यदि आप विश्व प्रसिद्ध ताजमहल देखने जाएंगे तो आपको तीन घंटे के भीतर ही पूरा परिसर देखकर बाहर आना होगा। साथ ही इसके पर्यटक टिकट में भी मामूली बढ़ोतरी होने जा रही है। मुख्य मकबरे को देखने के लिए 200 रुपये का शुल्क अदा करना होगा, जबकि प्रवेश शुल्क 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है। अब तक मुख्य मकबरे को देखने के लिए अलग से कोई शुल्क नहीं देना पड़ता था। बढ़ाई गई फीस एक अप्रैल से लागू की जाएगी। इतना ही नहीं अब एक टिकट केवल 3 घंटे के लिए ही वैध माना जाएगा। जबकि पहले एक टिकट पर दिन भर ताजमहल परिसर में घूमा जा सकता था। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने संवाददाताओं को यह जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का मकसद ताजमहल देखने के लिए देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटकों की संख्या पर कोई पाबंदी लगाना नहीं, लेकिन वह कुछ ऐसे कदम उठाने जा रही है जिससे यह विश्व प्रसिद्ध स्मारक आने वाली कई सदियों तक भारत का गौरव बना रहे।

जनसत्ता के रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार यह कदम नीरी की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर उठाने जा रही है ताकि पर्यावरण एवं अन्य दृष्टियों से ताजमहल को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने बताया कि ताजमहल परिसर में प्रवेश के लिए टिकट का मूल्य 40 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए ई-टिकट भी उपलब्ध होगा।

शर्मा ने कहा कि टिकट पर बार कोड होगा जिससे यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि पर्यटक तीन घंटे से अधिक ताजमहल परिसर में नहीं रह पाएं। उन्होंने कहा कि अभी देखने में आया है कि कुछ लोग टिकट खरीदते हैं और आठ-आठ घंटे तक इस परिसर में रूक जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 साल की आयु तक के बच्चों और विद्यार्थियों के लिए ताजमहल में प्रवेश के लिए कोई टिकट नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोत्तरी संभवत: एक अप्रैल से शुरू हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस 50 रुपए के टिकट में मुख्य मकबरों का प्रवेश शामिल नहीं होगा। मुख्य मकबरों में प्रवेश के लिए 200 रुपए का विशेष टिकट शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कदम के पीछे सरकार का मकसद पैसा कमाना नहीं बल्कि निर्मित भवनों की सुरक्षा और बेहतर जन प्रबंधन सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि आम दिनों में ताजमहल देखने के लिए 30 से 40 हजार पर्यटक आते हैं और अवकाश एवं विशेष अवसरों पर यह संख्या करीब एक लाख तक पहुंच जाती है।

उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करना कोई आसान नहीं है। ताजमहल में पर्यटकों के प्रवेश से निर्धारित समय से आधे घंटे पहले टिकट खिड़कियां खुलेंगी और बंद होने के निर्धारित समय से आधे घंटे पहले बंद हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि ऊंचे मूल्य वाले टिकट की भी व्यवस्था की जाएगी और ऐसे पर्यटकों को विशेष सुविधा दी जाएगी।
शर्मा ने कहा कि महताब बाग से रात्रि दर्शन के भी प्रबंध किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ताज कारिडोर क्षेत्र तथा ताजमहल एवं आगरा किले के बीच हरियाली को विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘लपका संस्किृत’ के खिलाफ कड़ा रूख अख्तियार करने का निर्णय किया है ताकि पर्यटकों विशेषकर महिला पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए पर्यटन मंत्रालय, आगरा विकास प्राधिकरण और स्थानीय पुलिस मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि ‘लपका संस्कृति’ से देश के सभी पर्यटन स्थलों को मुक्त करने के दिशा में सरकार काफी गंभीर है।

Categories: Regional