PNB घोटाले के बाद अब PM मोदी की ‘मुद्रा योजना’ में भी हुआ ‘बैंक घोटाला’, गलत तरीके से दिए जा रहे थे लोन

PNB घोटाले के बाद अब PM मोदी की ‘मुद्रा योजना’ में भी हुआ ‘बैंक घोटाला’, गलत तरीके से दिए जा रहे थे लोन

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के 11,400 करोड़ के घोटाले के बाद अब प्रधानमंत्री की माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी (मुद्रा) योजना में भी बैंक घोटाला सामने आया है। इस घोटाले में भी चपत पंजाब नेशनल बैंक को ही लगी है।

मुद्रा योजना प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका ज़िक्र वह अक्सर बेरोज़गारी के सवाल पर करते हैं। इस योजना में कम ब्याज़ दरों पर लोन दिया जाता है और लोन देने के बाद इस राशि के ज़रिए आवेदक को कुछ संपत्ति अर्जित करनी होती है। इस मामले में, मुद्रा के तहत दिए गए लोन से कोई संपत्ति नहीं बनाई गई।

सीबीआई ने बुधवार को केस दर्ज किया है, मामले में आरोपी राजस्थान में पीएनबी की बाड़मेर शाखा के मेनेजर इंदर चन्द्र चंदावत हैं। मेनेजर चंदावत ने सितंबर 2016 और मार्च 2017 के बीच “बेईमानी और धोखाधड़ी से 26 मुद्रा ऋण” बांटे हैं। जिसके कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक को 62 लाख रुपये का नुकसान हुआ।

सीबीआई ने कहा है कि चंदावत ने लोन जारी करने से पहले आवेदकों की जांच नहीं की, फिज़िकल वेरीफिकेशन नहीं किया और लोन देने के बाद आवेदकों के संपत्ति अर्जित करने की भी जांच नहीं की।

सीबीआई ने बताया कि जारी करने से पहले 26 लोन में से केवल एक की जांच की गई। किसी भी बैंक शाखा को 25 किमी आसपास तक के इलाके में रहने वालों को लोन जारी करने की इजाज़त होती है। लेकिन, इस मामले में 100 किमी दूर के इलाके में रहने वालों को भी लोन जारी किए गए।

अब इन 26 में से पांच लोन एनपीए (बैंकों का वो कर्ज़ जिसके वापस मिलने की सम्भावना ना हो) हो गए हैं। बैंक अब 62 लाख रुपये वसूल भी नहीं कर सकता है, क्योंकि लोन लेने वाले आवेदकों ने कोई संपत्ति भी अर्जित नहीं की है।

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