नोटबंदी से PM मोदी की ‘रोज़गार योजना’ भी हुई बर्बाद, 50 लाख नौकरियां देने में विफल रही मोदी सरकार

नोटबंदी से PM मोदी की ‘रोज़गार योजना’ भी हुई बर्बाद, 50 लाख नौकरियां देने में विफल रही मोदी सरकार

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘नेशनल करियर सर्विस’ शुरू करने के तीन साल बाद विफल होते नज़र आ रही है। इस योजना के तहत युवाओं को हर साल अलग अलग पद पर 50 लाख नौकरियां देने का वादा किया गया था।

बता दें कि, ‘नेशनल करियर सर्विस’ की शुरुवात 20 जुलाई, 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी। इसके तहत सरकार ने हर साल लगभग 50 लाख नौकरियां देने का वादा किया था। यहां तक कि लोकल स्तर पर ड्राईवर और पलंबर जैसी सेवाओं में भी अच्छे वेतन देने का वादा किया गया था।

इस योजना के शुरू होने के बाद जितनी बड़ी संख्या में युवाओं ने रजिस्टर करवाया था। उसके मुकाबले बहुत ही कम युवाओं को नौकरियां मिली। जिसकी वजह से युवाओं ने अब यहां पर अपना नाम रजिस्टर करना छोड़ दिया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2015 से लेकर जनवरी 2018 तक यहां 8 करोड़ 50 लाख युवाओं ने अपना नाम रजिस्टर करवाया था, मगर उनमे से सिर्फ 8 लाख 9 हज़ार युवाओं को नौकरी की सूचना आई। जिनमें से अधिकतर नौकरियां हाई स्कुल लेवल और निजी कंपनियों की ओर से दी गई थी।

विभाग का मानना है कि नोटबंदी के बाद यहां नौकरियां आने में काफी कमी हुई जिसकी वजह से युवाओं ने यहां रजिस्टर करवाना छोड़ दिया। विभाग का कहना है कि नोटबंदी के बाद 2015-16 के मुकाबले यहां नौकरियां आधे से भी कम आई हैं।

Courtesy: boltahindustan

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