सीरिया में नरसंहार : बमबारी में 500 से ज्यादा लोग मरे, 120 मासूम भी शामिल

सीरिया में नरसंहार : बमबारी में 500 से ज्यादा लोग मरे, 120 मासूम भी शामिल

संयुक्त राष्ट्र। सीरिया में सबसे बड़ा नरसंहार हुआ है। पिछले सात दिनों में सीरियाई युद्धक विमानों के हमलों में करीब 120 बच्चों सहित 500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। यह घटना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीरिया में 30 दिन के संघर्ष विराम का समर्थन किये जाने के बाद हुयी है।

आपको बता दें कि 15 सदस्यीय परिषद ने शनिवार को सीरिया के प्रभावित इलाके में सहायता पहुंचाने और मेडिकल सुविधाएं मुहैया कराने के पक्ष में वोट किया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह समझौता कब लागू होगा, लेकिन इसे अविलंब लागू करने की बात कही गई है।

सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, परिषद में शनिवार (24 फरवरी) को मतदान के बाद ही सीरियाई युद्धपोतों ने पूर्वी घौटा में नए हमले किए। इस हमले में आठ बच्चों सहित 41 लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरेस ने सुरक्षा परिषद की, सीरिया में 30 दिन के संघर्षविराम की मांग का रविवार (25 फरवरी) को स्वागत किया और कहा कि इसे ‘‘तुरंत’’ लागू किया जाना चाहिए।

सीरिया में बागियों के कब्जे वाले इलाके पूर्वी घोटा क्षेत्र में पिछले सात दिनों से सीरियाई युद्धक विमानों की बमबारी जारी है। इस बमबारी में मरने वालों की संख्या 500 के पार चली गयी है। क्योंकि संयुक्त राष्ट्र ने संघर्षविराम पर मतदान में फिर देरी कर दी।

इस प्रस्ताव पर गुरुवार से ही अड़चने आ रही थी। सीरिया सरकार का समर्थक देश रूस इस प्रस्ताव में संशोधन की मांग कर रहा था, जिस पर पश्चिमी देशों के राजनयिकों ने उन पर समय बर्बाद करने का आरोप लगाया। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निकी हेली ने संर्घषविराम को तत्काल भाव से लागू करने का आह्वान किया था लेकिन साथ में सीरिया द्वारा संघर्षविराम को लागू करने पर आशंका भी जताई थी।

संयुक्त राष्ट्र में रूस के दूत वासिली ने बेंजिया ने कहा कि युद्धग्रस्त धड़ों के बीच समझौते के बगैर यह संघर्षविराम संभव नहीं होगा। ब्रिटेन की मानवाधिकार संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स का कहना है कि परिषद में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के कुछ ही मिनटों बाद पूर्वी गूता में बमबारी हुई।

इससे पहले संस्था ने कहा था कि रविवार से शुरू हुई सीरियाई युद्धक विमान की बमबारी में अभी तक 500 लोगों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेसे ने कहा था कि पूर्वी गूता में स्थिति नर्क जैसी हो गई है। सीरियन ऑब्जरवेटरी फोर ह्यूमन राइट्स के अनुसार मारे गये लोगों में 120 से अधिक बच्चे हैं। दमिश्क के बाहर इस क्षेत्र में पिछले रविवार को सरकार ने बमबारी शुरु की थी।

Courtesy: puridunia

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