मुंगावली, कोलारस उपचुनाव नतीजे 2018: कांग्रेस के सिंधिया से सत्ता का सेमीफाइनल हार जाएंगे शिवराज सिंह चौहान?

मुंगावली, कोलारस उपचुनाव नतीजे 2018: कांग्रेस के सिंधिया से सत्ता का सेमीफाइनल हार जाएंगे शिवराज सिंह चौहान?

Mungaoli, Kolaras Bypoll Election Result 2018: मध्य प्रदेश में दो विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनावों की मतगणना जारी है। शिवपुरी जिले के कोलारस और अशजकनगर जिले के मुंगावली विधानसभा क्षेत्र में 24 फरवरी को वोटिंग की गई थी। अभी तक हुई गणना में दोनों सीटों पर कांग्रेस आगे चल रही है। वहीं शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि मुंगावली में बीजेपी बढ़त बनाएगी, लेकिन कुछ ही समय बाद इस सीट पर भी कांग्रेस ने बढ़त बना ली। गणना के तीन चरण पूरे होने के बाद बीजेपी को पछाड़ते हुए कांग्रेस फिलहाल कोलारस में 1300 वोटों से और मुंगालवी में 1381 वोटों से आगे चल रही है। इन दोनों सीटों पर कांग्रेस लगातार बढ़त बनाए हुए है, इसलिए ऐसा लग रहा है कि इन उपचुनावों में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के हाथों हार का सामना करना पड़ सकता है।

इन दोनों सीटों पर शिवराज और सिंधिया की प्रतिष्ठा दाव पर लगी हुई है। इस उपचुनाव को विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल भी कहा जा रहा है। चूंकि इस साल नवंबर-दिसंबर में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव हो सकते हैं, ऐसे में यह उपचुनाव एक तरह का रियलिटी टेस्ट जैसा है। इन चुनावों में खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीजेपी के उम्मीदवारों के लिए जमकर प्रचार-प्रसार किया था, इसलिए यह चुनाव उनकी साख पर सवाल खड़ा करता हुआ दिख रहा है। वहीं सिंधिया ने भी गांव-गांव घूमकर अपना पसीना बहाया था।

कोलारस और मुंगावली दोनों ही विधानसभा सीटें सिंधिया के संसदीय क्षेत्र गुना के अंदर आती हैं, इसलिए दोनों सीटें कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का मुद्दा है। अगर इसमें कांग्रेस की हार होती है तो यह सिंधिया के लिए काफी शर्मिंदगी वाली बात होगी। इसके अलावा सिंधिया को कांग्रेस मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर भी पेश कर सकती है, ऐसे में यह उपचुनाव जीतना उनके लिए बेहद ही जरूरी है। अगर इस चुनाव में कांग्रेस को जीत मिलती है तो सिंधिया की मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी को काफी वजन मिल जाएगा, लेकिन अगर इन चुनावों में कांग्रेस हारती है तो हो सकता है कि मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनने का अवसर कांग्रेस सिंधिया को ना देते हुए पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को दे दे। वहीं शिवराज सिंह चौहान पिछले 15 सालों से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और उनके लिए इस चुनाव में जीत हासिल करना अपनी मजबूती का प्रदर्शन करने जैसा है, जो कि विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें काफी मदद देगा।

कोलारस और मुंगावली में जीत सुनिश्चित करने के लिए चौहान ने जमकर प्रचार किया था। सूत्रों के मुताबिक इन दोनों सीटों पर जीत हासिल करने के उद्देश्य से ही शिवराज ने ग्वालियर के नारायण सिंह कुशवाह को अपने कैबिनेट में जगह दी, ताकि सिंधिया के समर्थन के वोटर्स उनके समर्थन में आ जाएं। शिवराज ने चुनाव प्रचार के दौरान दोनों ही निर्वाचन क्षेत्रों के तहत आने वाले कई गांवों में रैलियां की, जनसभाए की, कई गांवों में रात बिताई, लोगों से बातचीत की, अगले पांच महीनों के अंदर ही विकास लाने का वादा किया। हाल ही में भिंड के अटेर और सतना के चित्रकूट में हुए उपचुनावों में भी बीजेपी को कांग्रेस के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, ऐसे में अगर कोलारस और मुंगावली में बीजेपी हारती है तो राज्य में पार्टी की लगातार चार हार हो जाएंगी।

Courtesy: Jansatta

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