अलविदा ‘चांदनी’: श्रीदेवी के ट्विटर अकाउंट से संदेश जारी कर बोनी कपूर ने बयां किया दर्द

अलविदा ‘चांदनी’: श्रीदेवी के ट्विटर अकाउंट से संदेश जारी कर बोनी कपूर ने बयां किया दर्द

बॉलीवुड की पहली ‘फीमेल सुपरस्टार’ और दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी बुधवार (28 फरवरी) को पंचतत्व में विलीन हो गईं।करोड़ों सिने प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाली श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए सुहागिन की तरह सजाया गया था। श्रीदेवी को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हजारों लोगों ने अंतिम विदाई दी। मुंबई के विले पार्ले स्थित श्मशान में पति बोनी कपूर ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।

इस मौके पर श्रीदेवी की दोनों बेटियां जाह्नवी और खुशी समेत पूरा कपूर परिवार व बॉलीवुड की नामचीन हस्तियां मौजूद थीं। श्रीदेवी की अंतिम यात्रा मुंबई के सेलिब्रेशन स्पोर्ट्स क्लब से शुरू हुई। अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में फिल्मी हस्तियां और उनके प्रशंसक शामिल हुए। उनके पार्थिव शरीर को विले पार्ले के सेवा समाज शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया गया। विले पार्ले सेवा समाज श्मशान भूमि के बाहर भी लोगों की भारी भीड़ उमड़ी थी।

सफेद फूलों से सजे ट्रक में ‘दुल्हन’ की तरह सजाकर निकली श्रीदेवी की अंतिम यात्र के पीछे अपार जनसैलाब चल रहा था। बॉलीवुड के तमाम सितारों के साथ मुंबई की सड़कों पर उमड़ी हजारों की भीड़ ने नम आंखों से ‘चांदनी’ को विदाई दी।जिस ट्रक में उनके पार्थिव शरीर को रखा गया था उसमें पति बोनी कपूर, बेटे अजरुन कपूर और बेटी जाह्नवी कपूर के साथ मौजूद रहे। प्रशंसकों की भीड़ में शामिल हर शख्स श्रीदेवी की एक झलक पाने को बेताब दिख रहा था।

श्रीदेवी के जाने से भले ही प्रशंसकों ने अपनी चांदनी को खोया हो, लेकिन यह सबसे ज्यादा दुखद उनके परिवार के लिए है। बोनी कपूर ने अपनी पत्नी और उनकी बेटियों ने अपनी मां को खोया है। यह दुख उनके ऊपर पहाड़ सा टूट पड़ा है। श्रीदेवी के अंतिम संस्कार के बाद अब बोनी कपूर ने अपना दुख दुनिया के सामने बयां किया है। श्रीदेवी के निधन के बारे में उन्होंने श्रीदेवी के ट्विटर अकाउंट पर एक संदेश लिखा है।

उन्होंने लिखा है,’ एक दोस्त, पत्नी और अपनी दो जवान बेटियों की मां को खो देने के दर्द को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। मैं सभी परिवारवालों, दोस्तों, साथियों, शुभचिंतकों और मेरी श्री के अनगिनत प्रशंसकों का धन्यवाद करना चाहता हूं जो हमारे साथ चट्टान की तरह खड़े रहे। मैं अर्जुन और अंशुला से मिले सहयोग और प्यार के लिए खुद को खुशकिस्मत मानता हूं। वे मेरे, जाह्नवी और खुशी की शक्तियों के स्तंभ रहे। एक परिवार के नाते हमने इस दुख के पहाड़ का साथ में सामना करने की कोशिश की है।

दुनिया के लिए वह उनकी चांदनी थीं, एक बेहतरीन अदाकारा, लेकिन मेरे लिए वह मेरा प्यार थीं, मेरी दोस्त, मेरी बेटियों की मां, वह हमारी दुनिया थीं। हमारी बेटियों के लिए वह उनकी जिंदगी थीं। हमारी दुनिया उनके इर्द-गिर्द ही थी।हम, मेरी पत्नी और जाह्नवी और खुशी की मां को विदा देते हैं। मेरा निवेदन है कि हमारी निजता का सम्मान करें। अगर आपको श्री के बारे में कुछ बात करनी ही है तो उनकी यादों के बारे में बात करें जो आपको उनसे जोड़ती हैं। वह एक ऐसी ऐक्ट्रेस हैं जिनका कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

इस बात के लिए उनसे प्यार करें, उनका सम्मान करें। एक ऐक्टर की जिंदगी पर कभी पर्दा नहीं पड़ता है क्योंकि वे सिल्वर स्क्रीन पर दिखाई देते हैं। इस वक्त मुझे मेरी बेटियों की चिंता है। हमें श्री के बिना रहने का रास्ता निकालना होगा और उनके बिना आगे बढ़ना होगा। वही हमारी जिंदगी थीं। वह हमारी शक्ति थीं और हमारे मुस्कुराने की वजह थीं। हम उनसे बेहिसाब प्यार करते हैं।भगवान आपकी आत्मा को शांति दे। हमारी जिंदगी अब कभी पहले जैसी नहीं होगी।’

गौरतलब है कि हिंदी फिल्मों की पहली सुपरस्टार अभिनेत्री कही जाने वाली 54 वर्षीय अदाकारा की शनिवार 24 फरवरी को दुबई स्थित एक होटल के बाथरूम में मौत हो गई थी। डिनर से पहले बाथरूम गईं श्रीदेवी चक्कर आने के बाद बेहोश होकर पानी भरे बाथटब में गिर गईं। देर तक डूबे रहने से उनकी सांस थम गई। हालांकि उनके मौत के तुरंत बाद कार्डिएक अरेस्ट की वजह से निधन की बात सामने आई थी। दुबई के अभियोजक कार्यालय ने अभिनेत्री का पार्थिव शरीर 72 घंटे बाद उनके शोकाकुल परिवार को सौंप दिया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को मंगलवार को दुबई से मुंबई लाया गया।

Courtesy: .jantakareporter.

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