नफरत के दौर में खालसा एड का शानदार पैगाम, म्यांमार के बाद अब ‘सीरिया’ में मदद करने पहुंचा ‘खालसा एड’, लोगों ने कहा- थैंक्यू यू

नफरत के दौर में खालसा एड का शानदार पैगाम, म्यांमार के बाद अब ‘सीरिया’ में मदद करने पहुंचा ‘खालसा एड’, लोगों ने कहा- थैंक्यू यू

जिस दौर में धर्म के नाम एकतरफ हिंसा हो रही हो वहां पर इंसानियत की मिसाल पेश करना कोई ‘खालसा एड’ वालों से सीखें।

कुछ महीनों पहले रोहिंग्या मुसलमानों पर जब मुसीबत आई तब भी खालसा एड वालों ने आगे बढ़कर मदद की और अब सीरिया में परेशान ‘सीरियाई’ लोगों की मदद करते हुए नज़र आ रहे है।

सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध से वहां से जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उसे देख तो यही लगता है वहां मौत का तमाशा लगा हुआ है और सभी देश मूकदर्शक बने हुए है।

गैर सरकारी संस्था ‘खालसा एड’ साल 2014 से 4 देशों में सीरियाई शरणार्थियों की मदद में लगे हुए है।

खालसा एड की सोशल मीडिया पर उनकी सेवाओं के लिए काफी प्रशंसा हो रही है। खालसा एड के लोग सिर्फ अकेले ही सेवा करने में विश्वास नहीं कर रहे है। उन्हें उम्मीद है लोग उनसे जुड़कर डोनेशन करेंगे जिससे वो ज्यादा से ज्यादा लोगों तक मदद पहुंचा पाए।


बता दें कि सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद के ख़िलाफ़ 6 साल पहले शुरू हुई शांतिपूर्ण बगावत पूरी तरह से गृहयुद्ध में तब्दील हो चुकी है। इसमें अब तक 3 लाख लोग मारे जा चुके हैं।

इस गृहयुद्ध में पूरा देश तबाह हो गया है और दुनिया के ताक़तवर देश भी आपस में उलझ गए हैं। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि पिछले पांच सालों में कम से कम सीरिया में ढाई लाख लोग मारे जा चुके हैं।

ये भी जानना ज़रूरी है की साल 2015 अगस्त के बाद से संयुक्त राष्ट्र ने मरने वालों की संख्या को अपडेट करना बंद कर दिया है। कई संगठनों का कहना है कि तीन लाख 21 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं।

Courtesy: boltahindustan

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