SSC पेपर लीक मामले में CBI जांच की सिफारिश, लेकिन लिखित आश्वासन पर अड़े छात्र

SSC पेपर लीक मामले में CBI जांच की सिफारिश, लेकिन लिखित आश्वासन पर अड़े छात्र

कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने परीक्षा में धांधली की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की सिफारिश का निर्णय लिया है। एसएससी प्रमुख असीम खुराना ने रविवार (4 मार्च) को यह ऐलान किया। हालांकि छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार लिखित में नहीं देगी तब तक आंदोलन ख़त्म नहीं होगा।

खुराना ने बयान जारी कर कहा कि एसएससी की 21 फरवरी को हुई परीक्षा के प्रश्नपत्र-1 के सवाल लीक होने के आरोपों की सीबीआई से जांच कराई जाएगी। इसके लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से सिफारिश की जाएगी। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के नेतृत्व में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद इस पर सहमति बनी।

मनोज तिवारी के साथ छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की थी। केंद्रीय गृहमंत्री ने भी इस मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया था। गौरतलब है कि एसएससी दफ्तर के बाहर गत सात दिनों से सैकड़ों उम्मीदवार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

एसएससी चेयरमैन असीम खुराना के सीबीआई जांच के आश्वासन के बावजूद छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। छात्रों ने रविवार को सीजीओ कॉम्प्लेक्स के बाहर प्रदर्शन के सातवें दिन साफ कहा कि जब तक लिखित में सीबीआई जांच के आदेश नहीं किए जाएंगे, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। एक हफ्ते से जारी उनके इस प्रदर्शन को प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का साथ भी मिल गया है। रविवार (4 मार्च) को अन्ना हजारे सीजीओ कॉम्प्लेक्स पहुंचे और विरोध प्रदर्शन में शामिल एसएससी छात्रों से मुलाकात की। अन्ना ने भी सीबीआई जांच की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है।

 

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, एसएससी की परीक्षा 17-21 फरवरी को हुई थी जिसमें पेपर लीक की बात कही गई। इसे लेकर छात्र सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। जांच को लेकर देश के हजारों छात्र आंदोलन करने पर उतर आए और 27 फरवरी से लोधी रोड में सीजीओ कांप्लेक्स में कर्मचारी चयन आयोग के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन की आग अब दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में भी पहुंच गई है।

 

अभ्यर्थियों का आरोप है कि ऑनलाइन होने वाली इस परीक्षा में न छात्र और न परीक्षक तक को कलम या मोबाइल अंदर ले जाने की अनुमति थी। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर परीक्षा के दौरान ही प्रश्न पत्र का स्क्रीन शॉट वायरल हो गया था। रीतेश कुमार गुप्ता ने कहा कि 21 फरवरी को गणित का एग्जाम था। 15 मिनट बाद सूचना मिली कि परीक्षा रोक दी गई। चर्चा थी कि सोशल मीडिया में पेपर आउट हो चुके थे।

12.30 बजे दूसरे सेट के साथ परीक्षा शुरू हुई। लेकिन भोपाल, पटना जैसे दूसरे शहरों के सेंटर पर समय पर ही परीक्षा हुई। इन अभ्यर्थियों का आरोप है कि एग्जाम हॉल के अंदर से स्क्रीन शॉट, विडियो शेयर होते हैं। इन्होंने मांग की है कि पता लगाया जाए कि ऐसा कौन कर रहा है। 21 फरवरी की गणित की परीक्षा रद्द कर दी गई और इसके बदले अब परीक्षा 9 मार्च को होगी। हालांकि एसएससी ने कहा कि तकनीकी कारणों से इसे रद्द किया गया है।

Courtesy: jantakareporter

Categories: India

Related Articles