भारत लौट रहा है अंडरवर्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, सरकार के डर से करना चाहता है सरेंडर

भारत लौट रहा है अंडरवर्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, सरकार के डर से करना चाहता है सरेंडर

थाणे। फिरौती के एक मामले में मॉफिया डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को गिरफ्तार किया गया है। मंगलवार को उसकी पेशी थाणे की अदालत में हुई। यहां कासकर ने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि गिरफ्तारी से पहले फोन पर उसकी बात दाऊद से हुई थी।

इस पर जज ने उसे डॉन का नंबर का देने को कहा। जिस पर कासकर ने यह कहते हुए सफाई दी कि जिस नंबर से फोन आया वह उसके मोबाइल के डिस्प्ले में शो नहीं कर रहा था। इसी बीच कासकर के वकील श्याम केसवानी ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि पहले दाऊद भारत लौटना चाहता था।

कुछ शर्तों के साथ भारत लौटना चाहता है दाऊद

इब्राहिम कासकर के वकील श्याम केसवानी ने कहा है कि पहले दाऊद भारत लौटना चाहता था। इसके लिए देश के मशहूर वकील राम जेठमलानी ने मध्यस्थता करने की कोशिश भी की थी। केसवानी के अनुसार दाऊद ने शर्त रखी थी कि उसे मुंबई के आर्थर रोड स्थित जेल में ही रखा जाए। जिसे सरकार ने मानने से इंकार कर दिया। इस वजह से वह भारत नहीं लौट पाया।

दाऊद के भारत वापसी के इरादों के बारे में कुछ महीने पहले मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर एम एन सिंह ने बताया था। उन्होंने कहा था मोस्ट वांटेड डॉन भारत कुछ शर्तों के साथ भारत लौटना चाहता है। उसकी मुख्य शर्तें हैं कि पुलिस उसका एनकांउटर नहीं करेगी। उस पर केवल मुंबई बम ब्लास्ट का केस का ट्रायल चलाया जाएगा। इसके अलावा उसे जेल में रखने के बजाए हाउस अरेस्ट करके रखा जाएगा।

इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि क्रिमनल की शर्त का कोई सवाल नहीं उठता। वह भारत आकर सरेंडर करे, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। दाऊद की जो भी करतूत है उसकी सभी लोगों को जानकारी है। वह सरेंडर करना चाहता है अच्छी बात है लेकिन उस पर कानून के तहत मुकदमा चलना चाहिए।

बीमारी के चलते कासकर का होगा सरकारी अस्पताल में इलाज

वकील श्याम सुंदर केसवानी ने कोर्ट से कहा कि कासकर को डायबिटीज और पैर में चोट की वजह से इलाज की जरूरत है। इस पर जज ने कासकर को 9 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश देते हुए कहा कहा कि उसका किसी सरकारी अस्पताल में इलाज कराया जाए।

फिरौती के मामले में गिरफ्तार हुआ है कासकर

इकबाल कासकर ने एक बिल्डर से 3 करोड़ देने के लिए दबाव बनाया था। इसके बाद बिल्डर ने पुलिस से शिकायत की थी। शिकायतकर्ता बिल्डर ने साल 2015 में गोराई में 38 एकड़ जमीन खरीदी थी। डील के तहत उसने जमीन के मालिक को टोकन मनी के रूप में 2 करोड़ रुपए दिए और डॉक्युमेंट्स तैयार कराए। इसके कुछ दिनों बाद जमीन के मालिक ने इसकी दोगुनी कीमत मांगनी शुरू कर दी, जिसके बाद पीड़ित बिल्डर ने सिविल केस फाइल कर दिया।

आरोप के मुताबिक, जमीन के मालिक ने बिल्डर से छुटकारा पाने के लिए इकबाल कासकर से कॉन्टैक्ट किया। इसके बाद इकबाल ने बिल्डर को फोन कर उसे धमकाना शुरू किया। थाणे पुलिस ने इकबाल कासकर और उसके गैंग के सदस्यों के खिलाफ पिछले साल दर्ज फिरौती के तीसरे मामले में उसके लिए पुलिस हिरासत की मांग की है।

Courtesy: puridunia.

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