मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने को लेकर सियासी घमासान जारी, कोलकाता में BJP-RSS समर्थकों की पिटाई

मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने को लेकर सियासी घमासान जारी, कोलकाता में BJP-RSS समर्थकों की पिटाई

देश के अलग अलग हिस्सों में नेताओं की प्रतिमाओं को विरूपित करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस क्रम में गुरुवार (8 मार्च) को केरल तथा तमिलनाडु में महात्मा गांधी और बीआर अंबेडकर की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। बता दें कि इससे पहले त्रिपुरा में महान कम्युनिस्ट नेता व्लादिमिर लेनिन की दो प्रतिमाएं, तमिलनाडु के वेल्लूर जिले में समाज सुधारक और द्रविड़ आंदोलन के नेता ईवी रामास्वामी यानी पेरियार की प्रतिमा और कोलकाता में जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति तोड़े जाने का मामला सामने आया है।इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कथित तौर पर मूर्ति विवाद को लेकर पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के समर्थकों के साथ मारपीट की जा रही है। मूर्ति विवाद को लेकर कोलकाता से बीजेपी और आरएसएस समर्थकों की कथित पिटाई का दो मामला सामने आया है।

माकपा और आरएसएस समर्थकों के बीच झड़प

पहला मामला कोलकाता के जादवपुर क्षेत्र का है जहां गुरुवार रात साम्यवादी नेता व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा को क्षति पहुंचाने की कोशिश को लेकर माकपा और आरएसएस समर्थित संगठनों से कथित तौर पर ताल्लुक रखने वाले दो समूहों के बीच झड़प हो गई।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक पुलिस ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि आरएसएस समर्थित संगठनों के लोगों ने जादवपुर8 बी बस स्टैंड के पास स्थित लेनिन की मूर्ति को कथित तौर पर तोड़ने की कोशिश की जिसके बाद दोनों समूहों के बीच झड़प शुरू हो गई। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस सिलसिले में दो भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।

भाजपा-तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच झड़प

वहीं दूसरे मामले में भाजपा ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की क्षतिग्रस्त मूर्ति का शुद्धिकरण करने गए पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा के साथ एक दिन पहले केओराटोला कब्रिस्तान में वाम छात्र संगठन के कुछ सदस्यों ने तोड़-फोड़ की थी और कालिख पोत दी थी। इस संबंध में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि, हमारे कार्यकर्ता वहां मुखर्जी की प्रतिमा का शांतिपूर्वक शुद्धिकरण करने और दूध व गंगाजल से साफ करने गए थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और तृणमूल के गुंडों ने उनकी बुरी तरह पिटाई की। उन्होंने कहा, हम सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा इस तरह की कार्रवाई की आलोचना करते हैं। ममता बनर्जी सरकार को गुरुवार शाम तक प्रतिमा को सही किए जाने के संबंध में अवश्य बयान जारी करना चाहिए।

घोष ने कहा कि पुलिस ने क्षतिग्रस्त प्रतिमा वाले क्षेत्र के पास निषेधात्मक आदेश जारी कर दिया है और गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होने के आरोप में 25 से 30 भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को ‘जाने दिया’ गया। पुलिस ने कितने भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।घटना के विरोध में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा रोके जाने तक घोष के नेतृत्व में लेक मॉल से रैली निकाली।

Courtesy: .jantakareporter

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