पौराणिक काल में दो मामा कंस और शकुनि थे, वर्तमान में एक ‘मामा’ मध्य प्रदेश में हैं: कांग्रेस

पौराणिक काल में दो मामा कंस और शकुनि थे, वर्तमान में एक ‘मामा’ मध्य प्रदेश में हैं: कांग्रेस

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर प्रदेश को अपराधियों का गढ़ बनाने का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को दावा किया कि राज्य में वर्ष 2004  से वर्ष 2016  तक बलात्कार की 46,308  घटनाएं हुई हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं.

सुरजेवाला ने कहा, ‘मध्यप्रदेश लगातार वर्ष 2004 से अपराधों में अव्वल दर्ज किया जा रहा है. महिलाओं से दुष्कर्म में हाल यह है कि अब तक वर्ष 2004 से वर्ष 2016 तक 46,308 बलात्कार हुए हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं.’

उन्होंने कहा, ‘प्रदेश में वर्ष 2004 में 2,875 बलात्कार की घटनाएं हुई, आज संख्या बढ़कर 4,909 पर पहुंच गई है.

सुरजेवाला ने बताया कि बच्चियों एवं महिलाओं के अपहरण के हालात यह हैं कि वर्ष 2004  में अपहरण की 585 घटनाएं सामने आई थीं, जो आज 10 गुना की बढ़ोत्तरी के साथ 4,904  पर पहुंच गई हैं.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2016 की रिपोर्ट बताती है कि देश में सबसे ज्यादा 42.8 प्रतिशत बच्चे कुपोषण का शिकार मध्यप्रदेश में हैं. मध्यप्रदेश में 47.08 लाख बच्चे कुपोषण से पीड़ित हैं.

उन्होंने आगे कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की ही एक रिपोर्ट बताती है कि मध्यप्रदेश में नवजात शिशु मृत्यु दर 32 है, जो कि देश में सबसे ज्यादा है. उन्होंने कहा कि इस हिसाब से मध्यप्रदेश में 61,000 बच्चों की जन्म लेने के शुरुआती 28 दिनों में ही मृत्यु हो जाती है.

इसी तरह शिशु मृत्यु दर भी देश में सबसे ज्यादा 47 प्रतिशत मध्यप्रदेश में है, यानी लगभग 90,000 बच्चे अपना पहला जन्मदिन भी नहीं मना पाते हैं.

उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय की हाल ही में आई रिपोर्ट यह बताती है कि भारत में सबसे ज्यादा बच्चे मध्यप्रदेश में गायब होते हैं. एक वर्ष में मध्यप्रदेश में 8,503 बच्चे गायब हुए. इनमें से 6,037 लड़कियां और 2,466 लड़के हैं.

सुरजेवाला ने आगे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा, ‘पौराणिक काल में दो मामा प्रसिद्ध हुए हैं, कंस और शकुनि. आज के युग में भी एक ‘मामा’ मध्यप्रदेश में है. हम इस ‘मामा’ के कुशासन को इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में उसी तरह से भेदेंगे, जैसे अभिमन्यु ने चक्रव्यूह भेदा था.

साथ ही उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान पहले देश की कला, संस्कृति और संस्कार की राजधानी के रूप में हुआ करती थी. आज हालात यह हैं कि सत्ता की सरपरस्ती में निरंकुश अपराधी मध्यप्रदेश में राज कर रहे हैं.

सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार में अब तक 15,283 किसानों ने आत्महत्या की है.

उन्होंने प्रदेश सरकार पर कृषि पंपों, प्रधानमंत्री फसल बीमा एवं आदिवासियों को पट्टा देने में करोड़ों रूपये का भ्रष्टाचार करने का आरोप भी लगाया.

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