आजतक बना दलाल ‘पत्रकारों’ का अड्डा! नक्सली हमलें पर कन्हैया कुमार से सवाल, लोग बोले- ये हैं ‘जाहिल पत्रकार’

आजतक बना दलाल ‘पत्रकारों’ का अड्डा! नक्सली हमलें पर कन्हैया कुमार से सवाल, लोग बोले- ये हैं ‘जाहिल पत्रकार’

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एक नक्सली हमलें में 8 सीआरपीएफ जवानों की मौत हो गई जबकि 6 जवान बुरी तरह घायल हो गए हैं।

सरकार की लापरवाही दिन व दिन जवानों की जानें ले रही है। सरहद पर जवान शहीद हो रहे हैं वहीं देश में नक्सली जवानों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।

इसपर जवाब सरकार को देना है लेकिन सरकार कड़ी निंदा करके अपने सारे फर्ज भूल जाती है।

लेकिन कुछ पत्रकार जो सरकार से सीधा सवाल नहीं पूछ पाने की हिम्मत रखते हैं वो इधर-उधर की बातों से अपना दिल बहला लेते हैं।

आजतक का एडिटर निशांत चतुर्वेदी इस हमले पर कन्हैया कुमार से जवाब मांग रहा है।

निशांत ने ट्वीट करते हुए लिखा कि,  नक्सली हमले में 8 जवान शहीद .. इस पर अभी तक किसी लेफ़्ट के नेता या वो कनाहिया कुमार नेम के प्राणी का बयान नहीं आया।

 

 

इसके जवाब में आप प्रवक्ता वैभव ने लिखा कि,ये पत्रकार हैं या भाजपा के डिबेट पैनलिस्ट ? और सारी सरकार विपक्ष छोड़ के कन्हैया का ही नाम कैसे याद आया ? कोई खास पुरानी समस्या ?

इसके अलावा सोशल मीडिया पर तमाम लोगों ने इस पत्रकार से सवाल पूछे।

उनके बयान से ज्यादा हमें इस बात की चिंता है कि केंद्र से लेकर राज्य में बीजेपी की सरकार है फिर भी वह कुछ भी नही कर पा रही! हमारे जवानों की जाने जा रही है! जाहिल पत्रकार, सवाल उनसे पूछो जो सत्ता में बैठे हैं!

चाटु भाई आज आपने दलाली करने में सरदाना,चौधरी,कश्यप,श्वेता को पीछे छोड़ दिया, अब ये भी बता दो की कन्हैया इस देश का PM है HM ? या ये बताने के लिये भी पैसे चाहिए आपको

सरकार से पूछों इस मसले पर उसका बयान क्या हैं…बडी चर्चा थी कि नोटबन्दी से नक्सलियों की कमर टूट जाएंगी और आतंकवादी घुटनों के बल आ जाएंगे… ना नक्सलियों की कमर टूटी ना आतंकवादियों ने घुटनें टेके

आपको बता दें कि इनदिनों आजतक के पत्रकार दिन व दिन भारतीय मीडिया की विश्वसनीयता को खत्म करने का काम कर रहे हैं।

कभी खुलेआम दंगाई पत्रकारिता करते नजर आते हैं तो कभी सरकार की खुलेआम चाटुकारिता करते नजर पकड़े जाते हैं।

सच बोलने वाले पत्रकार को इस संस्थान से निकाल दिया जाता है।

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