गोरखपुर और फूलपुर में BJP की हार पर यूजर्स का तंज, बोले- ‘मैं ईद नहीं मनाता, लेकिन मातम तो ज़रुर मनाता हूं’

गोरखपुर और फूलपुर में BJP की हार पर यूजर्स का तंज, बोले- ‘मैं ईद नहीं मनाता, लेकिन मातम तो ज़रुर मनाता हूं’

उत्तर और बिहार में लोकसभा की तीन सीटों पर हुए उपचुनाव के बुधवार (14 मार्च) को आए नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बड़ा झटका लगा है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गोरखपुर सीट और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की फूलपुर सीट पर बीजेपी हार गई है। दोनों सीटें समाजवादी पार्टी (सपा) के खाते में गई हैं। वहीं बिहार की अररिया सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपना कब्जा बरकरार रखा है।

इसके अलावा जहानाबाद विधानसभा सीट भी आरजेडी के खाते में ही गई है। उपचुनाव में बिहार की सिर्फ भभुआ विधानसभा सीट पर बीजेपी का ‘कमल’ खिला है। गोरखपुर सीट पर सपा के प्रवीण निषाद ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के उपेंद्र दत्त शुक्ला को 21 हजार 881 मतों से हराया।

वहीं, फूलपुर लोकसभा सीट पर सपा के नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के कौशलेंद्र सिंह पटेल को 59 हजार 460 वोटों से हरा दिया। जबकि अररिया सीट पर आरजेडी के सरफराज आलम ने बीजेपी के प्रदीप कुमार सिंह को 61,988 वोटों से हराया।

जहानाबाद विधानसभा सीट पर आरजेडी के कुमार कृष्ण मोहन ने जेडीयू के अभिराम वर्मा को 35036 के बड़े अंतर से मात दी। बिहार उपचुनाव में एकमात्र भभुआ विधानसभा सीट से बीजेपी को राहत मिली। यहां बीजेपी उम्मीदवार रिंकी रानी पांडे ने कांग्रेस के शंभू सिंह पटेल को 14866 मतों से पराजित किया।

गोरखपुर में सबसे बड़ा झटका

योगी आदित्यनाथ की परंपरागत सीट मानी जा रही गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में हार बीजेपी के लिए सबसे बड़ा झटका है। इस सीट पर वर्ष 1991 से लगातार बीजेपी की जीत के रिकॉर्ड को सपा ने ध्वस्त कर दिया। गोरखपुर में 1989, 1991 और 1996 में महंत अवेद्यनाथ और 1998 से 2014 तक योगी आदित्यनाथ को कोई चुनौती नहीं मिल सकी। पिछले लोकसभा चुनाव में योगी तीन लाख 12 हजार मतों से जीते थे लेकिन, जब उनकी सर्वाधिक कठिन परीक्षा थी तब बीजेपी को शर्मनाक हार मिली।

योगी के मुख्यमंत्री बनने के करीब एक वर्ष बाद उनकी ही छोड़ी सीट पर आए चुनाव परिणाम ने तस्वीर बदलकर रख दी, जिसका असर अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिल सकता है। दरअसल, योगी सरकार के एक वर्ष के कामकाज का मूल्यांकन उनके ही घर के मतदाताओं ने किया है। पहले के चुनावों में सबकी एकजुटता के बावजूद योगी की जीत का अंतर सपा-बसपा और कांग्रेस के मतों से ज्यादा होता था।

 CM योगी के ईद नहीं मनाए जाने वाले बयान पर लोगों ने कसा तंज

गोरखपुर और फूलपुर में बीजेपी की हार पर सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा चल रही है। ट्विटर और फेसबुक पर लोग सीएम योगी को तरह की नसीहत दे रहे हैं। सीएम योगी के उस बयान की भी जमकर चर्चा हो रही है जिसमें उन्होंने कहा था कि हमें हिंदू होने पर गर्व, पर मैं ईद नहीं मनाता। एक यूजर ने लिखा, ‘मालूम है कि आप ईद नही मनाते, मातम तो मनाते हो? आज मना लेना मातम।’ वहीं एक यूजर ने लिखा, ‘मैं ईद नहीं मनाता, लेकिन मातम तो ज़रुर मनाता हूं।’

बता दें कि पिछले दिनों यूपी विधानसभा में चर्चा के दौरान सीएम योगी ने कहा था कि मैंने तब भी कहा था और आज भी गर्व के साथ कहता हूं कि मैं हिंदू हूं। मैं ईद नहीं मनाता। लेकिन, यदि कोई अपना त्योहार मनाएगा तो सरकार उसमें सहयोग करेगी और साथ ही सुरक्षा भी देगी। उन्होंने आगे कहा कि हम वैसे हिंदू नहीं हैं जो घर में जनेऊ धारण करें और बाहर निकलकर टोपी पहन लें। ऐसा वो लोग करते हैं, जिनके मन में पाप होता है।

 

Courtesy: jantakareporter.

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