उपचुनाव हारने के बाद अब संसद में मोदी सरकार के साथ वो होगा, जो अभी तक नहीं हुआ

उपचुनाव हारने के बाद अब संसद में मोदी सरकार के साथ वो होगा, जो अभी तक नहीं हुआ

नई दिल्ली: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुश्किलें बढती ही जा रही हैं। एक तरफ जहां लोकसभा चुनाव-2019 से पहले भाजपा की सहयोगी पार्टियां भी उसकी खिलाफत करने लगी हैं, वहीं अब संसद में भी मोदी सरकार के साथ वह होने वाला है जो अभी तक नहीं हुआ।

 

दरअसल, आंध्र प्रदेश में विपक्ष की भूमिका निभा रहे वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पार्टी के छह सांसदों ने शुक्रवार के लिए लोकसभा महासचिव को नोटिस भी दिया है। केवल इतना ही नहीं, जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस ने विपक्षी पार्टियों का समर्थन जुटाने की कवायद भी शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि पार्टी के सांसद जगन की ओर से लिखे गए एक पत्र को संसद के भीतर विपक्षी सांसदों के बीच बांट रहे हैं और उनसे इस प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील कर रहे हैं। सदन में इस प्रस्ताव को पेश करने के लिए कम से कम 50 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है।

सांसदों का समर्थन हासिल करने के लिए संसद में बाटें जा रहे इस पत्र में जगन मोहन ने कहा है कि इस प्रस्ताव के बाद भी केंद्र सरकार आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा देने को तैयार नहीं होती है तो पार्टी के सभी सांसद 6 अप्रैल को अपना इस्तीफा दे देंगे। वाईएसआर कांग्रेस के पास लोकसभा में 9 सांसद जबकि राज्यसभा में एक सांसद है।

उधर, आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करने वाली आंध्र की सत्तारूढ़ टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने भी प्रस्ताव को समर्थन करने का ऐलान किया है। विधानसभा में नायडू ने कहा कि अगर जरुरत पड़ी टीडीपी केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी। इससे पहले इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नायडू की ओर से हैदराबाद में एक बैठक बुलाई गई थी।

लोकसभा में शुक्रवार को यह प्रस्ताव पेश किया जा सकता है। वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों ने कांग्रेस पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, टीएमसी नेता सौगत राय, बीजेडी नेता भृतहरी महताब, टीडीपी नेता थोटा नरसिम्हा, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, एनसीपी नेता तारिक अनवर, AAP नेता भगवंत मान समेत कई नेताओं से अविश्वास प्रस्ताव को समर्थन देने की अपील की है।

Courtesy: puridunia

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