CM योगी ने एक साल पूरा होने पर कहा- आकलन के लिए 1 साल का कार्यकाल पर्याप्त नहीं

CM योगी ने एक साल पूरा होने पर कहा- आकलन के लिए 1 साल का कार्यकाल पर्याप्त नहीं

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार को एक साल हो चुके हैं. इस मौके पर लोकभवन में ‘एक साल नई मिसाल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जहां सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं.
अपनी सरकार के एक साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास गिनाने को बहुत कुछ है, लेकिन उप चुनाव की हार का कसक भी। हालांकि योगी उप चुनाव के परिणाम को बहुत महत्व न देते हुए अपनी उपलब्धियों पर ही फोकस करते हैैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि ठीक एक साल पहले हमारी सरकार ने जिम्मेदारी संभाली थी जिसके बाद हमारी सरकार ने प्रदेश में परिवर्तन किया और विकास के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया. इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि कामकाज के मूल्यांकन के लिए एक साल पर्याप्त नहीं है.

सीएम योगी ने कहा- ”एक वर्ष में उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘एक साल नई मिसाल’ पुस्तिका और लघु फिल्म के माध्यम से प्रदेश के विकास की एक लघु झलक दिखाने का प्रयास किया है. फिजूल खर्ची रोककर, जनता पर अतिरिक्त बोझ डाले बगैर किसानों का कर्ज माफ किया.” सीएम ने इस मौक पर अपनी उपलब्धियां गिनाईं.

34.11 लाख किसानों का 20598.31 करोड़ रुपये का माफ किया गया कर्ज.

19,591 गांव को खुले में शौच से मुक्त (#ODF) किया गया.

बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए ‘कुपोषण मुक्त गांव’ योजना लागू.

 

आशा के साथ सरकार बनाने में योगदान दिया था. जब हम सरकार में आए तो काफी चुनौतियां थीं. एक साल से पहले तक यूपी में जंगलराज था. साथ ही यूपी की राजनीति जातिवाद और परिवारवाद में उलझी हुई थी. इससे प्रदेश को मुक्ति मिली है.’

उन्होंने कहा कि यूपी जैसे चुनौतीपूर्ण राज्य में काम के मूल्यांकन के लिए एक साल काफी नहीं है. वह भी उस राज्य में जहां एक साल पहले तक जंगलराज, अराजकता, भय और गुंडाराज का माहौल था. बाजवूद इसके हमने टीम भावना के साथ काम किया.

योगी ने कहा कि यूपी की राजनीति जातिवाद और परिवारवाद के चलते बदनाम थी. साथ ही विभाजनकारी राजनीति की जा रही थी. लेकिन हमारी सरकार ने यूपी को ऐसी राजनीति से मुक्त कराया है.

योगी ने कहा, ‘जब काम शुरू किया तो प्रदेश का खजाना खाली था, जो हमारे लिए बड़ी चुनौती थी. साथ ही बड़ी संख्या में सड़कें गड्ढायुक्त थीं और किसान आत्महत्या कर रहा था. निवेशक यहां नहीं आ रहा था और कारोबारी पलायन कर रहा था. भय का माहौल था. ऐसी स्थिति में हमने किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री के संकल्प को ध्यान में रखते हुए 86 लाख किसानों का 1 लाख तक कर्ज माफ करने का फैसला किया.’

योगी ने कहा कि लोग मानते थे कि हम जनता पर अतिरिक्त टैक्स लगाकर ये पैसा वसूलेंगे. लेकिन हमने अनावश्यक योजनाओं पर रोक लगाकर और सहयोगियों के खर्च कम कर ये काम किया और कर्जमाफी की नीति को सफलतापूर्वक लागू किया.

Courtesy: NND

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