माही से तुलना पर बोले दिनेश कार्तिक- ‘धोनी यूनिवर्सिटी टॉपर, जबकि मैं अभी पढ़ रहा हूं’

माही से तुलना पर बोले दिनेश कार्तिक- ‘धोनी यूनिवर्सिटी टॉपर, जबकि मैं अभी पढ़ रहा हूं’

दिनेश कार्तिक भले ही बांग्लादेश के खिलाफ निदाहास टी20 ट्रोफी के फाइनल में 8 गेंदों पर नाबाद 29 रन बनाकर भारत सहित विश्व भर में चर्चा का विषय बने हुए हैं, लेकिन इस विकेटकीपर बल्लेबाज का कहना है कि जब ‘सर्वश्रेष्ठ फिनिशर’ की बात आती है तो वह अभी खुद को ‘यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट’ मानते हैं जबकि महेंद्र सिंह धोनी ‘टॉपर’ हैं। बता दें कि कार्तिक ने पारी की अंतिम गेंद पर सिक्स जड़कर टीम इंडिया की खिताबी जीत में अहम योगदान दिया था।

कार्तिक ने कहा कि, ‘जब धोनी की बात आती है तो मैं अभी यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा हूं, जबकि वह टॉपर हैं। वह ऐसे खिलाड़ी हैं जिसका मैं हमेशा अनुसरण करता हूं। उनके साथ तुलना अनुचित होगी।’ दिलचस्प बात यह है कि कार्तिक ने सितंबर 2004 में इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था, जबकि धोनी ने इसके तीन महीने बाद दिसंबर में बांग्लादेश के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक कार्तिक ने कहा कि, ‘उनका (धोनी) करियर पूरी तरह से अलग था और मेरा करियर पूरी तरह से अलग है। वह बेहतरीन खिलाड़ी हैं। वह काफी शर्मीले थे। आज वह ऐसे व्यक्ति हैं जो युवाओं की मदद के लिए खुलकर बोलते हैं। मेरा मानना है कि इस तरह की तुलना पूरी तरह से अनुचित है। मैं जिस स्थिति में हूं, उससे खुश हूं।’

उन्होंने कहा, ‘सभी मेरे बारे में बात कर रहे हैं, इससे अच्छा लग रहा है। मैंने वर्षों में जो अच्छे काम किए, उससे मुझे वह छक्का जड़ने में मदद मिली। वह शॉट छक्के के लिए चला गया। मेरे लिए उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। खुश हूं, जब आप घरेलू क्रिकेट खेलते हो तो यह कठिन दौर होता है। अचानक इस तरह से चर्चा में आने से अच्छा लग रहा है।’

कार्तिक ने इसके साथ ही कहा कि मुंबई के क्रिकेटर अभिषेक नायर के साथ समय बिताने से उन्हें इस खेल के मानसिक पहलू में मजबूती हासिल करने में मदद मिली। उन्होंने कहा, ‘वह (अभिषेक नायर) मेरे करियर के पिछले ढाई साल में बेहद महत्वपूर्ण कारक रहे। उन्होंने मुझे मैचों के लिए तैयार होने और मुझे रणनीति के अनुसार तैयारी करने में मदद की। वह यह भी जानते हैं कि कड़ी मेहनत करने का सही तरीका क्या है। वह नदी हैं और मैं नाव।’

कार्तिक ने विजय शंकर का भी बचाव किया जो मुस्तफिजुर रहमान की धीमी गेंदों को समझने में नाकाम रहे। उन्होंने कहा, ‘विजय शंकर के पास कौशल है। उसने गेंदबाज के रूप में वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया। जो बल्लेबाजी ऑलराउंडर हो, उसने दबाव में अच्छा खेल दिखाया। मुझे उनका भविष्य वास्तव में उज्ज्वल लगता है। वह विशेष प्रतिभा के धनी हैं और लंबे समय तक खेल सकते हैं।’

रोहित शर्मा के उनसे पहले विजय शंकर को भेजने के फैसले से कार्तिक खफा थे लेकिन उन्होंने मुंबई के इस बल्लेबाज की कप्तानी शैली की तारीफ की। कार्तिक ने कहा, ‘रोहित का सबसे मजबूत पक्ष यह है कि उन्होंने कप्तान के रूप में 3 आईपीएल जीते हैं और उन्हें टीम का नेतृत्व करने की अपनी क्षमता पर विश्वास है। वह काफी होमवर्क करते हैं और रणनीतिक तौर पर मजबूत है। वह कुशल कप्तान हैं।’

Courtesy: jantakareporter

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