भागलपुर: दंगा भड़काने के आरोपी केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे ने गिरफ्तारी वारंट को दिखाया ठेंगा, कहा- ‘मैं सरेंडर क्यों करूं?’

भागलपुर: दंगा भड़काने के आरोपी केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे ने गिरफ्तारी वारंट को दिखाया ठेंगा, कहा- ‘मैं सरेंडर क्यों करूं?’

बिहार के भागलपुर में दंगा भड़काने के मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अरिजित शाश्वत और आठ अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया गया है। अरिजित पर पिछले हफ्ते 17 मार्च को भागलपुर जिले में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का आरोप है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने नाथनगर पुलिस की ओर से दायर अर्जी पर वॉरंट जारी किया।

समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक पुलिस ने इस सिलसिले में दर्ज दो प्राथमिकियों में से एक में नामित नौ लोगों की गिरफ्तारी की मांग की थी। अतिरिक्त लोक अभियोजक( एपीपी) वीरेश मिश्रा ने बताया कि, ‘‘अभय कुमार घोष, सोनू, प्रमोद वर्मा पम्मी, देव कुमार पांडेय, संजय भट्ट, सुरेंद्र पाठक, अमित लाल साह और प्रणव साह उर्फ प्रणव दास के खिलाफ भी वॉरंट जारी किया गया।”

भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक( एसएसपी) मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस को अदालत के आदेश की कॉपी मिली है और सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इस बीच अरिजीत शाश्वत ने गिरफ्तारी वारंट को ठेंगा दिखाते हुए सोमवार (26 मार्च) को मीडिया से बात करते हुए पुलिस के सामने सरेंडर करने से इनकार कर दिया है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के बेटे अरिजीत ने समाचार एजेंसी ANI से कहा कि, ‘मैं न्यायालय की शरण में हूं। भागते वो हैं, खोजना उनको पड़ता है जो कहीं गायब हो गए हों, मैं समाज के बीच हूं। उन्होंने कहा कि मैं आत्मसमर्पण क्यों करूंगा? कोर्ट अगर वारंट जारी करता है तो वह शरण भी देता है। एक बार आप जब कोर्ट जाते हैं तो आप वही करते हैं जो कोर्ट आपसे कहता है।’

अरिजीत ने कहा कि अगर पुलिस मुझे गिरफ्तार करने आती है तो मैं वो करूंगा जो वह कहेंगे। मैंने अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट में दायर कर दी है। वहीं अपने बेटे की सफाई में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि मेरे बेटे ने कोई गंदा काम नहीं किया है। एफआईआऱ तो झूठ का पुलिंदा है, उसपे क्यों सरेंडर करेगा। अरिजीत कहीं छिपा नहीं है, वो आज अपने गांव भी गया और भगवान राम की आरती भी करता है।

बता दें कि अरिजित के पिता अश्विनी कुमार चौबे बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री हैं। अरिजीत के खिलाफ जिस मामले में गिरफ्तार वॉरंट जारी हुआ है, वह भागलपुर के नाथनगर इलाके का है। नाथनगर में 17 मार्च को एक जुलूस के दौरान हिंसक झड़प हुई थी जिसके बाद अरिजीत को आरोपी बनाते हुए उन पर एफआईआर दर्ज की गई थी।

हिंसा मामले में दर्ज एफआईआर में कहा गया था कि अरिजीत के नेतृत्‍व में भारतीय नववर्ष जागरण समिति की ओर से विक्रम संवत के पहले दिन नववर्ष को मनाने के लिए जुलूस निकाला गया था। दोनों समुदायों में संघर्ष उस समय शुरू हुआ जब मेदिनीनगर के स्‍थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। इस घटना में दो पुलिसकर्मी सहित कुछ अन्य लोग जख्मी हुए थे

क्या है पूरा मामला?

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक 17 मार्च को भारतीय नववर्ष जागरण समिति की तरफ से शहर में एक जुलूस निकाला गया था। 15 किलोमीटर लंबे रास्ते में यह जुलूस तकरीबन आधा दर्जन मुस्लिम बहुल इलाकों से होकर गुजरा। इस दौरान नाथनगर थाना क्षेत्र के मेदिनी चौक पर नारेबाजी को लेकर दोनों समुदायों के बीच झड़प हो गई। इसके बाद यहां जमकर पथराव और आगजनी हुई।

सूत्रों के अनुसार दोपहर 3.45 बजे यह मोटरसाइकिल जुलूस इलाके से होकर गुजर रहा था तब उसपर पत्थरबाजी होने लगी। लालमटिया चौकी के इंचार्ज संजीव कुमार, जो उस वक्त वहां तैनात थे, उन्होंने बताया कि जुलूस में शामिल कुछ कार्यकर्ताओं ने भड़काऊ नारेबाजी की, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि यह हिंसा भड़की। झड़प नाथनगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले मेदिनी चौक पर हुई। यह इलाका मुस्लिम बहुल है।

अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत बीजेपी के नेता हैं और वह भागलपुर विधानसभा सीट से साल 2015 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, वो चुनाव हार गए। उनके पिता और केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे भागलपुर से चार बार विधायक रहे हैं और राज्य सरकार में भी मंत्री रहे हैं। अर्जित ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है।

Courtesy: jantakareporter.

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