650 करोड़ गबन करने वाली कंपनी में रेल मंत्री पीयूष गोयल थे चेयरमैन- रिपोर्ट में दावा

650 करोड़ गबन करने वाली कंपनी में रेल मंत्री पीयूष गोयल थे चेयरमैन- रिपोर्ट में दावा

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक खबर का हवाला देते हुए भाजपा नेता और केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल पर निशाना साधा है. दरअसल राहुल गांधी ने ये ट्वीट उस खबर के सामने आने के बाद किया, जिसमे कहा गया था कि  650 करोड़ रुपये का लोन डिफ़ॉल्ट करने वाली मुंबई स्थित एक कंपनी शिर्डी इंडस्ट्रीज के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से सम्बन्ध हैं.

राहुल गांधी ने खबर को शेयर करते हुए लिखा है, ”शाह-जादा के दिलचस्प किस्से, शौर्य-गाथा और ‘छोटे मोदी के बड़े कारनामे’ के बाद भाजपा प्रस्तुत करती है-शिरडी का चमत्कार.”

क्या है मामला? 

पिछले कई सालों से बैंकों का बैड लोन लगातार बढ़ता जा रहा है. ऐसे में उन कंपनियों के नाम लगातार सामने आ रहे हैं जो बड़ी लोन डिफॉल्टर हैं. न्यूज वेबसाइट वायर की एक रिपोर्ट के माने तो मुंबई स्थित लैमिनेट्स निर्माता कंपनी शिर्डी इंडस्ट्रीज ने 650 करोड़ रुपये की लोन डिफॉल्टर है. रिपोर्ट की माने तो जुलाई 2010 तक इस कंपनी के चेयरमैन वर्तमान केंद्रीय पीयूष गोयल थे, कंपनी द्वारा लोन की पहली किश्त चुकाने में देरी के कारण रेटिंग एजेंसी क्रिसिल इसे फटकार दे चुकी है.

 

रिपोर्ट के अनुसार शिर्डी के प्रमोटरों ने इंटरकॉन एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड नामक एक कंपनी को भी इनसिक्योर लोन दिया था, इस कंपनी को खुद पीयूष गोयल की पत्नी चला रही थी. शिर्डी इंडस्ट्रीज ने अपने रिटर्न में इस कर्ज़ का जिक्र किया है.

रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2016 में इंटरकॉन ने अपने रिटर्न में बताया कि शिर्डी के प्रमोटरों की स्वामित्व वाली एक कंपनी असीस इंडस्ट्रीज़ का उस पर 1.5 9 करोड़ रुपये का बकाया है. यहां तक कि जब असीस इंडस्ट्रीज़ ने गोयल की पत्नी की फर्म को पैसा उधार दिया था, तो शिर्डी के पास भी 4 करोड़ प्रॉविडेंट फंड डिफ़ॉल्ट थे.

रिपोर्ट के अनुसार शिर्डी इंडस्ट्रीज न केवल लोन डिफॉल्टर है बल्कि शिर्डी इंडस्ट्री ने प्रोविडेंड फंड के 4 करोड़ रुपये जमा नहीं कराए हैं. जब यह कंपनी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में निपटारे के लिए गई तो बैंक ने 60 प्रतिशत ऋण माफी की बात मान ली.

रिपोर्ट के अनुसार यह बात हैरान करने वाली है कि एनसीएलटी ने पिछले दिसंबर में एक आदेश में शिर्डी इंडस्ट्रीज को कंपनी खरीदने के लिए बोली लगाने की इजाजत भी दे दी, जबकि कंपनी पहले से ही कर्जदार थी.

शिरडी इंडस्ट्रीज और असीस इंडिया के प्रवर्तक राकेश अग्रवाल ने वायर को बताया, “1994 से पीयूष मेरा एक करीबी दोस्त है.” “पीयूष के साथ मेरा रिश्ता एक बहुत ही स्वाभाविक और सम्मानित प्रकृति का है, लेकिन मैंने उस रिश्ते का कभी इस्तेमाल नहीं किया, या इससे लाभ उठाया है. हम उस तरह की संस्कृति से नहीं आते हैं.

Courtesy: catchnews.

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