कैग की रिपोर्ट ने बढ़ाई केजरीवाल की मुश्किलें, 50 मामलों में सामने आई गड़बड़ी, भ्रष्टाचार में बताया नंबर 1

कैग की रिपोर्ट ने बढ़ाई केजरीवाल की मुश्किलें, 50 मामलों में सामने आई गड़बड़ी, भ्रष्टाचार में बताया नंबर 1

नई दिल्ली। कैग (कम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) की रिपोर्ट ने केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट में केजरीवाल सरकार पर कई संगीन आरोप लगाए गए हैं। कैग की रिपोर्ट में 50 से अधिक मामलों में गंभीर भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं। हालांकि घोटालों का खुलासा होते ही केजरीवाल ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

 

रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली परिवहन निगम की 2682 बसें बगैर इंश्योरेंस के ही दौड़ रही हैं। इससे निगम को 10.34 करोड़ का घाटा हो चुका है, मगर फिर भी हालात जस के तस हैं। दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (डीटीएल) की लापरवाही से राजस्व के नुकसान की बात सामने आई है। बिना किसी जांच पड़ताल और ठोस योजना के ग्रिड लगाने के लिए भूमि खरीद ली गई। डीडीए को 11.16 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया गया, मगर ग्रिड आज तक नहीं लगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन गाडिय़ों से राशन की ढुलाई का जिक्र है वो जांच में स्कूटर और बाइक निकले। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये संदेह है कि राशन बांटा ही नहीं गया और फर्जी ढुलाई दिखाई गई। वित्तीय वर्ष 2016-17 की सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, राशन वितरण केंद्रों पर 1589 क्विंटल राशन की ढुलाई के लिए बस, तिपहिया वाहन, मोटर साइकिल और स्कूटर का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट में संदेह जताया गया है कि राशन बांटा भी नहीं गया होगा और ढुलाई के फर्जी आंकड़े दिखाए गए हैं।

आप सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार का दंभ भरती है। जबकि कैग की रिपोर्ट बताती है कि तीन जिलों में करीब आठ हजार छात्र छात्राओं के लिए कोई खेल सुविधा विकसित नहीं की गई है। छह जिलों में खेल सुविधाओं के नाम पर केवल स्वीमिंग पूल हैं। इसी तरह वन विभाग ने पहले वृक्षारोपण का अपना लक्ष्य ही पूरा नहीं किया। जो किया, उसमें भी 23 फीसद पौधों को बचाया नहीं जा सका।

कैग की इस रिपोर्ट पर एक बार फ‍िर दिल्‍ली में सियासत तेज हो गई है। दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्‍यपाल पर हमला बोल दिया है।दिल्‍ली विधानसभा में सिसादिया ने साफ कर दिया कि कैग रिपोर्ट के अनुसार किसी मंत्री या अधिकारी के कामकाज में अनियमितता पाई गई तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।

Courtesy: puridunia

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