असली परीक्षा अब, मुस्लिमों के खिलाफ इस हिंदू संगठन ने किया बड़ा ऐलान

असली परीक्षा अब, मुस्लिमों के खिलाफ इस हिंदू संगठन ने किया बड़ा ऐलान

गुरुग्राम। अपने ही देश के मुस्लिमों के खिलाफ एक हिंदू संगठन ने बड़ा ऐलान किया है। मामला बीते शुक्रवार को गुरुग्राम में जुमे की नमाज के दौरान हुए उपद्रव से जुड़ा हुआ है। बता दें कि बीते शुक्रवार को गुरुग्राम के वजीराबाद में सेक्टर 53 थाना क्षेत्र में सरस्वती कुंज के सामने मैदान में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा कर रहे थे। तभी वहां हिंदूवादी संगठन के कुछ लोग पहुंचे और नमाज अदा करने का विरोध करने लगे। पुलिस ने बताया कि उस समय 500 के करीब लोग नमाज अदा कर रहे थे।

हिंदू संगठन ने किया ऐलान

वहीं इसके बाद इलाके में जुमे की नमाज के दौरान उपद्रव के बाद तनाव जैसी स्थिति बन गई। पुलिस ने धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में छह संदिग्धों को गिरफ्तार भी कर लिया है। घटना बीते शुक्रवार की है, जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

वहीं अब गुरुग्राम में सोमवार शाम संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति के बैनर तले कई संगठनों ने प्रदर्शन किया। इनकी मांग थी कि मुस्लिम लोगों के नमाज पढ़ने के दौरान बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार लोगों पर दर्ज केस वापस लिए जाएं। इन्होंने यह भी मांग की है कि शहर में खुले में नमाज पढ़ने पर रोक लगनी चाहिए।

प्रदर्शन करने वाले संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने यह भी धमकी दी है कि वह खुले में नमाज रोकने के लिए शुक्रवार को सड़क पर उतरेंगे। वहीं सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे करीब 50 प्रदर्शनकारी शहर के कमला नेहरू पार्क में इकट्ठे हुए। यहां से उन्होंने मिनी सचिवालय तक मार्च निकाला।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सीएम मनोहर लाल खट्टर को लिखी गई एक चिट्ठी डिप्टी कमिश्नर विनय प्रताप सिंह को सौंपा। चिट्ठी में प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सेक्टर 53 में शुक्रवार को पढ़ी जाने वाली नमाज गैरकानूनी ढंग से जमीन कब्जाने की शुरुआत है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नमाजियों ने वहां भारत विरोधी और पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए गए।

संगठन ने अपनी चिट्ठी में आरोप लगाया है कि बीते डेढ़ महीने से कुछ लोग गुड़गांव के वजीराबाद स्थित एक जमीन के टुकड़े पर नमाज पढ़ रहे हैं। उनका मकसद इस पर अवैध ढंग से कब्जा करना है। ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ और ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारों की वजह से वहां का माहौल खराब हो रहा है। जब कुछ देशभक्त युवकों ने उन्हें ऐसा करने से रोका तो पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की।

संगठन ने आग पूछा हैं कि क्या ‘जय श्री राम’ और ‘वंदे मातरम’ बोलना अपराध है, जिसकी वजह से युवाओं को गिरफ्तार किया गया? वहीं बताई गई जगह पर बीते 10 साल से नमाज पढ़ने वालों ने आरोपों को खारिज किया है। मामले में शिकायतकर्ता और नेहरू युवा संगठन वेल्फेयर सोसाइटी चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रमुख वाजिद खान ने कहा कि वे नमाज पढ़ते वक्त एक दूसरे से बात भी नहीं करते। नारे लगाने का तो सवाल ही नहीं उठता। ये सब झूठे आरोप हैं।

Courtesy: puridunia.

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