जब वाराणसी में लोग तड़पकर मर रहे थे तब PM मोदी दिल्ली में ‘जश्न’ मना रहे थे : राज बब्बर

जब वाराणसी में लोग तड़पकर मर रहे थे तब PM मोदी दिल्ली में ‘जश्न’ मना रहे थे : राज बब्बर

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुए निर्माणाधीन पुल हादसे में पीड़ितों का हालचाल जानने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर वाराणसी के कबीर चौड़ा अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

इस दौरान राज बब्बर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुझे बताया गया है कि चुनाव से पहले फ्लाईओवर को पूरा करने के लिए, 3 विनायक मंदिर तोड़ दिए गए थे। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह घटना मंदिरों को तोड़ने का नतीजा है”।

कांग्रेस नेता ने कहा इस हादसे में जितनी जिम्मेदारी अधिकारियों की है, उतनी ही जिम्मेदारी मंत्रियों की भी है, इसलिए दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख मुआवजे की जगह 50-50 लाख मुआवजे की मांग की है।

राज बब्बर ने आरोप लगाया कि 2019 लोकसभा चुनाव से पहले इन कामों को पूरा किया जाना था। वक्त कम होने की वजह से अधिकारी दबाव में काम कर रहे थे, जिसकी वजह से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। जिसके चलते यह हादसा हुआ।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में लापरवाही के चलते इतना बड़ा हादसा हो जाता है, दूसरी तरफ वे कर्नाटक चुनाव के परिणाम पर जश्न मना रहे होते हैं।

बता दें कि वाराणसी में मंगलवार शाम कैंट स्टेशन के सामने निर्माणाधीन पुल के दो बीम अचानक गिरने से 18 लोगों की मौत हो गई और तकरीबन 50 लोग घायल हो गए थे। इस हादसे की वजह सरकार की लापरवाही और प्रशासनिक चूक बताई गई।

इस मामले में यूपी सरकार ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है, जो 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं इस मामले में अब तक 4 अधिकारी सस्पेंड किए जा चुके हैं। पुल का निर्माण करने वाली कंपनी के खिलाफ ग़ैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया गया है।

 

Courtesy: Boltaup

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