बीजेपी के सामने बड़ी मुश्किल, 24 घंटे के अंदर ही छिन सकती है येदियुरप्पा की कुर्सी

बीजेपी के सामने बड़ी मुश्किल, 24 घंटे के अंदर ही छिन सकती है येदियुरप्पा की कुर्सी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के बीएस येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार करने के बाद उन्होंने आज सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। बीएस येदियुरप्पा तीसरी बार मुख्यमंत्री बने। लेकिन हो सकता है कि उन्हें 24 घंटे के अंदर ही अपनी इस कुर्सी को छोडना पड़े। दरअसल उन्हें 24 घंटे के अन्दर ही अपने समर्थक विधायकों की लिस्ट कोर्ट को देनी है।

 

अब ऐसे में बीजेपी के सामने बड़ी समस्या खड़ी है क्योंकि उनके पास कुल 104 विधायक है और उन्हें 112 विधायकों की लिस्ट कोर्ट में सम्मिलित करनी है। आपको बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव की 222 सीटों पर आए नतीजों में बीजेपी को 104 सीटें मिली हैं, वहीँ कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38, बसपा को 1 और अन्य को 2 सीटें मिली हैं।

ऐसे में बीजेपी ही कर्नाटक की सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन बहुमत कांग्रेस और जेडीएस के पास है। सबसे बड़ी पार्टी होने की वजह से बीजेपी ने अपना दावा पेश किया है। वहीं कांग्रेस ने मणिपुर और गोवा का हवाला देते हुए कहा कि बहुमत उनके पास है इसलिए सरकार बनाने का मौका उन्हें मिलना चाहिए।

सब घटनाक्रम एक बीच बुधवार की शाम राज्यपाल वजुभाई वाला ने भाजपा को सरकार बनाने का न्यौता दिया था, जिसके खिलाफ कांग्रेस और जेडीएस ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था। तीन घंटे चली बहस के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी के शपथ ग्रहण करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। राज्यपाल ने येदियुरप्पा को बहुमत सिद्ध करने के लिए 15 दिनों का समय दिया है।

भारत के इतिहास में दूसरी बार सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे आधी रात को खुले रहे। इससे पहले आतंकी याकूब मेमन की फांसी की सजा को लेकर आज से तीन साल पहले आधी रात को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। न्यायाधीश ए. के. सीकरी के नेतृत्व वाली पीठ ने कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) की येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक वाली याचिका पर येदियुरप्पा से जवाब मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे होगी।

वहीँ अगर आज कोर्ट में बीजेपी अपने 112 विधायकों की लिस्ट नहीं सौंपती है तो उसके लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। फिलहाल अभी उसे 8 विधायकों का समर्थन हासिल करना है जो बहुत मुश्किल नजर आ रहा है। ऐसे में अगर वो दो अन्य विधायक और एक बसपा विधायक का समर्थन हासिल कर लेती है तो उसकी संख्या 107 ही पहुंचती है। इसके बाद भी उसे पांच और विधायकों का समर्थन चाहिए, जो आसान नजर नहीं आ रहा है।

 

Courtesy: puridunia

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