बैंक घोटालों से लगातार बढ़ रहा NPA, RBI ने लगाई तीन बड़े बैंकों पर कर्ज़ देने से रोक, आम जनता पर होगा असर

बैंक घोटालों से लगातार बढ़ रहा NPA, RBI ने लगाई तीन बड़े बैंकों पर कर्ज़ देने से रोक, आम जनता पर होगा असर

देश में बढ़ते बैंक घोटाले और उस से बढ़ रहे नॉन परफोर्मिंग एसेट (एन.पी.ए) का खामियाजा अब देश की जनता को भुगतना पड़ेगा। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) ने देश के तीन बड़े बैंकों पर लोन देने से रोक लगा दी है।

एन.पी.ए बैंकों का वो लोन होता है जिसके वापस आने की उम्मीद नहीं होता। इस कर्ज़ में 90% से ज़्यादा हीस्सा उद्योगपतियों का है। अक्सर उद्योगपति बैंक से कर्ज़ लेकर खुद को दिवालियाँ दिखा देते हैं और उनका लोन एन.पी.ए में बदल जाता है। यही उस लोन के साथ होता है जिसे बिना चुकाए नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे लोग देश छोड़कर भाग जाते हैं।

आरबीआई ने पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी), केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर कर्ज़ देने की रोक लगा दी है। इन बैंकों का एन.पी.ए आरबीआई द्वारा तय सीमा 6% से ऊपर जा चूका है, जिसकी वजह से इन्हें किसी भी तरह का कर्ज देने से रोक दिया जाएगा।

गौरतलब है कि हाल ही में पीएनबी में 13,600 करोड़ का घोटाला हुआ है। इस साल मार्च के अंत तक पीएनबी का एन.पी.ए 11.2 फीसदी पर पहुंच गया है। यूनियन बैंक का एन.पी.ए 8.4 फीसदी और केनरा बैंक का एन.पी.ए 7.5 फीसदी रहा।

इस से नुकसान देश की आम जतना का है। बैंकों में 70% से ज़्यादा जमा पैसा आम जनता का है। लेकिन उद्योगपतियों के बैंक घोटालों के कारण जनता को ही अब बैंकों से लोन नहीं मिल सकता। बाज़ार पर इसका असर दिखाई देगा क्योंकि लोगों को नए उद्योग शुरू करने के लिए कर्ज़ नहीं मिलेगा। इस से रोज़गार भी प्रभावित होगा।

Courtesy: Boltaup

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