कर्नाटक घमासान LIVE: क्या येदियुरप्पा का बचेगा ताज? कांग्रेस-जेडीएस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई आज

कर्नाटक घमासान LIVE: क्या येदियुरप्पा का बचेगा ताज? कांग्रेस-जेडीएस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई आज

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार (16 मई) को हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद आखिरकार कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। येद्दियुरप्पा ने गुरुवार (17 मई) सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अब येद्दयुरप्पा के समक्ष सदन में बहुमत साबित करने की चुनौती होगी। अगले 15 दिनों में उन्हें विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा। इसलिए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अभी कर्नाटक में सियासी ड्रामा समाप्त नहीं हुआ है।

सरकार बनाने के लिए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में रातभर चली हाई वोल्टेज कानूनी लड़ाई के बाद गुरुवार को येद्दियुरप्पा दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। लिंगायत समुदाय में खासा प्रभाव रखने वाले 75 वर्षीय येद्दियुरप्पा को राज्यपाल वजुभाई वाला ने राजभवन में एक समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुप्रीम कोर्ट ने येद्दियुरप्पा के शपथ लेने पर रोक लगाने से इनकार किये जाने के कुछ घंटों बाद ही बीजेपी नेता ने अकेले शपथ ली।

गौरतलब है कि राज्य में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में प्रदेश की 224 सदस्यीय विधानसभा में 222 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस+ को 38 सीटें मिली हैं। फिलहाल, बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 112 है।

शीर्ष अदालत में अहम सुनवाई आज

15 मई को कर्नाटक के नतीजों के बाद से शुरू हुआ सत्ता का संग्राम गुरुवार सुबह येद्दयुरप्पा की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ से थम तो गया, लेकिन अंतिम फैसला बाकी है। क्योंकि येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण के बाद सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार यानी आज कांग्रेस और जेडीएस की याचिका पर अहम सुनवाई करेगा। जस्टिस सीकरी, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस बोबडे की तीन जजों की बेंच मामले की सुनवाई करेगी।

दोनों दलों ने बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता देने के राज्यपाल के फैसले को चुनौती दी है। यदियुरप्पा को सुप्रीम कोर्ट में अपने वह दोनों पत्र जो उन्होंने 15 और 16 मई को राज्यपाल को सौंपे थे और समर्थक विधायकों की सूची सौंपनी है। सुप्रीम कोर्ट ने येद्दयुरप्पा द्वारा राज्यपाल को 15 और 16 मई को सौंपे पत्र की कॉपी मांगी है। साथ ही कहा कि यदि उन्हें शपथ दिलाई गई तो वह इस याचिका के अंतिम आदेश पर निर्भर करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने शपथ लेने पर रोक लगाने से किया इंकार

बता दें कि इससे पहले शीर्ष अदालत ने बुधवार (16 मई) रातभर चली दुर्लभ सुनवाई के बाद येद्दियुरप्पा के कनार्टक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। बुधवार देर रात दो बजकर 11 मिनट से गुरुवार सुबह पांच बजकर 58 मिनट तक चली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि राज्य में शपथ ग्रहण और सरकार के गठन की प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष इस मामले के अंतिम फैसले का विषय होगा।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ए के सीकरी, न्यायमूर्ति एस के बोबडे और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की एक विशेष पीठ ने कहा, ‘‘न्यायालय बी एस येद्दियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने के संबंध में कोई आदेश नहीं दे रहा है। अगर वह शपथ लेते हैं तो यह प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष इस मामले के अंतिम फैसले का विषय होगा।’’ पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए शुक्रवार सुबह की तारीख तय की और बीजेपी द्वारा कर्नाटक के राज्यपाल को दिये गए विधायकों के समर्थन वाला पत्र पेश करने का आदेश दिया है।

 

  • कांग्रेस-जेडीएस अपने विधायकों को खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ही पार्टियां अपने-अपने विधायकों को हैदराबाद शिफ्ट कर रही हैं। खबरों के मुताबिक देर रात कांग्रेस और जेडीएस के विधायक बस से बेंगलुरु से हैदराबाद के लिए रवाना हुए थे, जो कुछ ही देर में हैदराबाद पहुंचेंगे। इससे पहले कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को बेंगलुरु के ईगल्टन रिजॉर्ट में ठहराया गया था।
  • ‘लोकतंत्र बचाओ दिवस’ के तहत आज (शुक्रवार) देश भर में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता देश भर के राज्य मुख्यालयों और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन कर्नाटक के राज्यपाल के उस फैसले के खिलाफ है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के बजाय बीजेपी को सरकार बनाने के लिए न्यौता दिया था।
  • येदियुरप्पा के लिए मुश्किलों का दौर आज से शुरू हो रही है। सुप्रीम कोर्ट में आज उन्हें अपना समर्थन पत्र सौंपने का निर्देश दिया है। अदालत ने येदियुरप्पा सरकार से वह पत्र मांगा है जो उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल को सौंपा था।
  • इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने येद्दयुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई तय की और बीजेपी को अपने विधायकों लिस्ट लाने का निर्देश दिया है।
  • कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए राज्यपाल द्वारा येदियुरप्पा को सरकार बनाने का निमंत्रण देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट आज सुबह 10:30 बजे सुनवाई करेगा।
  • येद्दयुरप्पा के शपथग्रहण के बाद बीजेपी अब बहुमत साबित करने की तैयारी में है। येद्दयुरप्पा ने कहा कि मुझे यकीन है कि वे विधानसभा में विश्वासमत हासिल करेंगे।
  • गुरुवार को बीएस येद्दयुरप्पा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने।

‘विश्वास मत जीतने का 100 फीसदी भरोसा है’

कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बी एस येद्दियुरप्पा ने गुरुवार को कहा कि उन्हें विधानसभा में विश्वास मत जीतने और पांच साल का कार्यकाल पूरा करने का 100 फीसदी भरोसा है। उन्होंने कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन को ‘‘अपवित्र’’ बताया और आरोप लगाया कि लोगों ने उन्हें पूरी तरह से खारिज कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद वे सत्ता हथियाने की कोशिश में है। समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक येद्दियुरप्पा ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास मत में जीत हासिल करने और मेरी सरकार के पांच साल पूरे करने का विश्वास है।’’

सुप्रीम कोर्ट में रातभर चली दुर्लभ कानूनी लड़ाई के बाद शपथ लेने के तुरंत बाद येद्दियुरप्पा ने पहला संवाददाता सम्मेलन संबोधित किया। येद्दियुरप्पा ने सभी विधायकों से अपने ‘‘विवेक’’ के अनुसार और जनादेश बनाए रखने के लिए वोट देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे सफलता का 100 फीसदी भरोसा है। मेरे पास मेरे और मेरी पार्टी के लिए लोगों का समर्थन है।’’ येद्दियुरप्पा के सामने अब 112 विधायकों का समर्थन पेश करने की चुनौती है।

क्या है विधानसभा की स्थिति?

बता दें कि 224 सदस्यीय विधानसभा में 222 सीटों पर मतदान हुआ था जिसमें बीजेपी को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें मिली थीं। इनके अलावा बहुजन समाज पार्टी, कर्नाटक प्रज्ञावंत जनता पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में 1-1 सीट आई थी। बहुमत के लिए 112 सीटों की जरूरत थी जो कि सबसे बड़े दल बीजेपी के पास नहीं थी। सदन में बीजेपी के पास 104 विधायक हैं जो बहुमत के 112 के आंकड़े से आठ विधायक कम है।

वहीं, जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने भी कांग्रेस के समर्थन पत्र के साथ राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया था। कांग्रेस और जेडीएस के पास कुल मिलाकर 115 सीटें हैं जो बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से तीन अधिक हैं। बता दें कि 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 112 सीटें जरूरी हैं। कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों में से 222 सीटों के लिए मतदान हुआ था। जयनगर सीट पर बीजेपी उम्मीदवार के निधन के बाद चुनाव रद्द कर दिया गया जबकि आर आर नगर सीट पर कथित चुनावी कदाचार के चलते मतदान 28 मई के लिए टाल दिया।

Courtesy: jantakareporter.

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