‘अच्छे दिन’ के वादे पर पेट्रोल-डीजल ने लगाई आग, कांग्रेस ने सरकार को याद दिलाए पुराने दिन

‘अच्छे दिन’ के वादे पर पेट्रोल-डीजल ने लगाई आग, कांग्रेस ने सरकार को याद दिलाए पुराने दिन

देश भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। कर्नाटक चुनाव से 19 दिन पहले रोज तय होने वाली पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर रोक लगाई थी। अब इसे फिर से शुरू कर दिया गया है। ऐसे में कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। दिल्ली में पेट्रोल अब तक के सबसे ऊंचे दाम पर बिक रहा है। सोमवार से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 76.57 रुपए प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल 84.4 रुपए लीटर तक बिक रहा है। कोलकाता में दाम 79.24 रुपए लीटर है। पिछले दिनों पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आश्वासन दिया था कि सरकार जल्द ही इसका समाधान निकालेगी लेकिन फिलहाल राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

मंंगलवार को भोपाल में पेट्रोल के दाम 82.47 तक पहुंच गए, जबकि डीजल की कीमतें 71.66 रुपये तक पहुंच गई। बढ़ी कीमतों पर स्‍थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि उनका गाड़ी लेकर निकलना दूभर हो गया है। लोग कह रहे हैं कि जिस तेजी से पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं, वह समय दूर नहीं जब पेट्रोल के दाम 100 रुपये तक पहुंचेंगे। यात्रा करने के लिए ईंधन खरीदने के अलावा हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। सरकार को कीमतों को कम करना चाहिए। यह हमारे बजट को प्रभावित कर रहा है।

सोशल मीडिया पर नाराजगी

सोशल मीडिया पर भी लोग सरकार को घेर रहे हैं। लोग ‘अच्छे दिनों’ की बजाय भाजपा को ‘पुराने दिन’ याद दिला रहे हैं, जब वह विपक्ष में थी और पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों का विरोध करती थी। कई लोग लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के पोस्टर शेयर कर रहे हैं, जिसमें कहा गया था, ‘बहुत हुई जनता पर पेट्रोल-डीजल की मार, अबकी बार मोदी सरकार!’

 

 

कांग्रेस ने याद दिलाए पुराने दिन

उधर, पेट्रोल-डीजल के मूल्यों में वृद्धि पर राजनीति में भी गहमा-गहमी बढ़ गई है। मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इस विरोध में आज महिला कांग्रेस भी प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस नेता संंजय निरूपम ने ट्वीट किया-


आम आदमी पार्टी का कहना है कि ‘बहुत हुई महंगाई की मार अबकी बार मोदी सरकार’ का नारा देकर, जनता से वोट मांगकर सत्ता में आई मोदी सरकार ने देश की जनता के साथ विश्वासघात किया है। जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, चाहे वो पेट्रोल-डीज़ल हो, घरेलू गैस हो या फिर खाने पीने के जरूरत की चीजें हों, महंगाई ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

इस वजह से बढ़ रहे हैं दाम

पेट्रोल-डीजल की कीमत में लगातार हो रही वृद्धि का कारण तेजी से कच्चे तेल की बढती मांग भी है. कच्चे तेल की कीमत हालांकि अभी 70 डॉलर प्रति बैरल है. साल 2013-14 में यह रेट 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहंच गया था। इंडियन बास्केट के कच्चे तेल की कीमत घटी, लेकिन कई तरह के टैक्स की वजह से देश में पेट्रोल-डीजल महंगा हो रहा है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल महंगा होने और भारतीय रुपए में आई कमजोरी के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं।

10 महीने से बढ़ रहे हैं दाम

पिछले साल जून से रोजाना डीजल और पेट्रोल के दाम तय होते हैं। पिछले साल जून में पेट्रोल की कीमत 66.91 रुपए और डीजल की कीमत 55.94 रुपए थी। यानी जून 2017 से लेकर 2 अप्रैल 2018 तक पेट्रोल 06.82 रुपए और डीजल 08.75 रुपए महंगा हो चुका है यानी कीमत घटी नहीं, सिर्फ बढ़ी है।

 

Courtesy: outlook

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