तमिलनाडु में वेदांता समूह की स्टरलाइट यूनिट के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, पुलिस फायरिंग में 11 लोगों की मौत

तमिलनाडु में वेदांता समूह की स्टरलाइट यूनिट के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, पुलिस फायरिंग में 11 लोगों की मौत

तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में वेदांता समूह की कंपनी स्टरलाइट कॉपर को प्रदूषण फैलाने के चलते बंद करने की मांग को लेकर पिछले दिनों से चल रहा प्रदर्शन मंगलवार (22 मई) को को हिंसक हो गया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी की, जिसमें 11 लोग मारे गए हैं और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। घायलों में कई पत्रकार भी शामिल हैं।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने कहा कि तूतीकोरिन में वेदांता समूह की इकाई स्टरलाइट इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ ‘‘पुलिस कार्रवाई’’ में प्रदर्शनकारी मारे गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने घटना की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी क्षेत्र में निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर कलेक्ट्रेट की तरफ जुलूस निकाल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव ही नहीं किया, बल्कि उनके वाहनों तथा कलेक्ट्रेट में खड़े वाहनों को भी आग लगा दी। बता दें कि पलानीस्वामी के पास गृह मंत्रालय भी है। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस को लोगों के जानमाल की रक्षा के लिए अपरिहार्य परिस्थितियों में कार्रवाई करनी पड़ी क्योंकि प्रदर्शनकारी बार-बार हिंसा कर रहे थे, पुलिस को हिंसा रोकनी थी।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे यह जानकार दुख हुआ कि इस घटना में दुर्भाग्य से नौ लोग मारे गए।’’ उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की। पलानीस्वामी ने कहा कि उन्होंने हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के तहत एकल सदस्यीय आयोग के गठन की घोषणा की जो घटना की जांच करेगा। मुख्यमंत्री ने घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को तीन-तीन लाख और मामूली रूप से घायल लोगों को एक-एक लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की।

उन्होंने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से एक-एक व्यक्ति को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी देने का भी आश्वावसन दिया। मुख्यमंत्री ने तूतीकोरिन के जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वह घायलों का उचित उपचार सुनिश्चित करे। वेदांता समूह के स्वामित्व वाले संयंत्र को प्रदूषण संबंधी चिंताओं को लेकर बंद करने की मांग कर रहे लगभग पांच हजार लोग मंगलवार को पुलिस से भिड़ गए तथा वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को आग लगा दी।

Courtesy: .jantakareporter.

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