पेट्रोल के बढ़ते दामों के मुद्दे पर UPA के खिलाफ़ हल्ला बोलने वाली ‘स्मृति इरानी’ अब चुप क्यों हैं?

पेट्रोल के बढ़ते दामों के मुद्दे पर UPA के खिलाफ़ हल्ला बोलने वाली ‘स्मृति इरानी’ अब चुप क्यों हैं?

मोदी सरकार के तमाम दावों के बावजूद पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें लगातार बढ़ती नज़र आ रही हैं। मंगलवार को एक बार फिर कीमतों में उछाल देखने को मिला। पेट्रोल 30 पैसे जबकि डीजल की क़ीमतों में 26 पैसे की बढ़ोतरी हुई।

आज की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की क़ीमत 76.87 हो गई है जबकि डीजल 68.08 हो गया है। बढ़ती कीमतों का सिलसिला लगातार पिछले नौ दिनों से जारी है।

पेट्रोल-डीज़ल के दामों में तेज़ी से हो रही बढ़ौतरी के बाद अब लोग सत्ता में आने से पहले वाली बीजेपी को याद कर रहे हैं, जिसने 2013-2014 में पेट्रोल-डीज़ल के दामों में बढ़ौतरी के खिलाफ़ प्रदर्शन करते हुए देश को पोस्टरों से भर दिया था। ‘बहुत हुई जनता पर पेट्रोल-डीज़ल की मार, अबकी बार मोदी सरकार’।

सोशल मीडिया पर भी बीजेपी के नेताओं ने इसके ख़िलाफ जमकर प्रदर्शन किया था। इस फेहरिस्त में सबसे बड़ा नाम स्मृति इरानी का था। बीजेपी नेत्री ने 15 जनवरी 2011 को ट्वीट कर लिखा, “एक बार फिर से पेट्रोल के दाम बढ़े। यूपीए कीमत में इज़ाफे के आगे जनता की हाहाकार को नज़रअंदाज़ कर रही है। सत्ता का अहंकार गरीबों की ज़रूरत के प्रति सहीनुभूति नहीं रखता”।

16 सितंबर 2011 के ट्वीट में इरानी ने लिखा, “यूपीए की ग़लत वित्तीय नीतियां और सही नेतृत्व की कमी के चलते एक बार फिर से पेट्रोल की कीमत और हाउसिंग लोन में वृद्दी हुई है”।

3 नवंबर 2011 को उन्होंने लिखा, “एक बार फिर से पेट्रोल के दाम बढ़े। आम आदमी की यूपीए सरकार अब सिर्फ खास टेलिकॉम कंपनीज़ के लिए काम कर रही है”।


पेट्रोल के बढ़ते दामों के मुद्दे पर स्मृति इरानी ने तत्कालीन यूपीए सरकार को जमकर घेरा था। सिर्फ सोशल मीडिया पर ही नहीं बल्कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरकर यूपीए सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया था। उनके इस हल्ला बोल की तस्वीरों ने तो खूब सुर्खियां भी बटोरी थीं।

इस समय एक बार फिर से देश की जनता पेट्रोल के बढ़ते दामों से त्रस्त है लेकिन स्मृति इरानी ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई ट्वीट नहीं किया है। लोग केंद्रीय मंत्री से अम्मीद करते हैं कि जिस तरह वह सत्ता में आने से पहले जनता के हितों की बात किया करती थीं उसी तरह वो अब भी जनता के हित के लिए अपनी सरकार के खिलाफ बोलेंगी।

 

Courtesy: Boltaup

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