एक बार फिर सवालों के घेरे में रेलवे का खाना, पुरी-हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस के 20 यात्री बीमार

एक बार फिर सवालों के घेरे में रेलवे का खाना, पुरी-हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस के 20 यात्री बीमार

रेलवे में खाने के स्तर को सुधारने के लिए आईआरसीटीसी ने कई बदलाव और कई नए नियम लागू किए हैं, लेकिन इसके बाद भी खाने का स्तर सही नहीं है। यही कारण है कि लगातार रेलवे के खाने पर सवाल उठ रहे हैं। ताजा मामला पुरी-हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस का है, जहां खाना खाने से कथित तौर पर 20 यात्रियों की तबियत खराब हो गई।

यह घटना 23 मई सुबह की है, जब पुरी-हावड़ा शताब्दी एक्सप्रेस के कोच नंबर सी-1 और सी-2 में सफर कर रहे थे इन्हें नाश्ता सुबह करीब सात बजे के बाद दिया गया था। यात्रियों ने नाश्ते के बाद जब पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की तो ट्रेन के खड़गपुर पहुंचने पर करीब 11.45 बजे 14 यात्रियों को रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह जानकारी रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि इस मामले की जांच करवाई जाएगी। दक्षिण-पूर्व रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर संजॉय घोष ने बताया, ‘यह खाना आईआरसीटीसी ने सप्लाई किया था और ट्रेन में पुरी से रखा गया था। इसे खाने के बाद कुछ यात्रियों की तबियत खराब हो गई। उन यात्रियों का खड़गपुर में इलाज चल रहा है। इस मामले में आईआरसीटीसी और हमारी ओर से जांच की जाएगी।’

वहीं खड़गपुर डिविजनल के डीआरएम के. राबिन कुमार रेड्डी ने बताया, ‘खाने के सैंपल ले लिए गए हैं और हम लोग इस मामले में जरूरी कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा हम इस मामले की भी जांच करेंगे कि क्या वेंडर ने बाहर से खाना तो नहीं लिया है।’

जहां रेड्डी का कहना है कि कुछ यात्री हॉकर्स से भी खाना ला सकते हैं, वहीं यात्रियों का कहना है कि उन्होंने वही खाना खाया है जो ट्रेन में परोसा गया है।

वहीं, एक यात्री काकाली सेनगुप्ता ने कहा, ‘हमें भुवनेश्वर के बाद ट्रेन में ऑमलेट और ब्रेड परोसा गया था। इसे खाने के बाद हमारे पेट में दर्द शुरू हो गया और हम में से काफी लोगों को उल्टी होना शुरु हो गई।’ काकाली का अपने पति रूपम सेनगुप्ता के साथ अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनके दो बच्चे भी ट्रेन में नाश्ता का सेवन करने के बाद बीमार पड़ गए थे। ट्रेन पुरी से सुबह करीब 5.45 बजे निकली थी और नाश्ता 7 बजे परोसा गया था।

Courtesy: outlook

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