महंगाई का चौतरफा झटका देने की तैयारी में मोदी सरकार, अब बिजली के बढ़ेंगे दाम ख़त्म हुआ कोयला स्टॉक

महंगाई का चौतरफा झटका देने की तैयारी में मोदी सरकार, अब बिजली के बढ़ेंगे दाम ख़त्म हुआ कोयला स्टॉक

पेट्रोल-डीज़ल के बढ़े दामों के बीच जनता को एक और झटका लग सकता है। यह झटका है बिजली का जिसके दाम लगातार बढ़ रहे हैं। गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ना सव्भाविक है लेकिन बिजली प्लांटों की हालत देखकर लगता है कि सरकार ने इसके लिए तैयारी नहीं की थी जिसका खामियाज़ा अब जनता उठाएगी।

‘द इकॉनामिक टाइम्स’ के मुताबिक इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में बिजली की कीमत दो साल में सबसे ज्यादा छह रुपये 20 पैसे प्रति यूनिट हो गई। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में सोमवार को कीमत आठ रुपये प्रति यूनिट तक हो गई थी जो मंगलवार को 7 रुपये 43 पैसे रही।

सिर्फ हफ्ते भर में एक्सचेंज पर बिजली की कीमत दो रुपये प्रति यूनिट बढ़ी है। गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की डिस्ट्रीब्यूशन फर्म बिजली की कमी को पूरा करने के लिए सीधी स्पॉट मार्केट से बिजली खरीदती है। अगर वे महंगी बिजली खरीदेंगे तो तो बिजली की कीमतें बढ़ाकर ग्राहकों पर बोझ डाल सकते हैं।

बिजली की कमी का कारण है कोयले की कमी का होना। कोयले से बिजली बनाने वाले तापघरों में कोयले की उपलब्धता पर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण नजर रखता है। उसके मुताबिक 21 मई को देश के 114 में से 22 थर्मल पॉवर प्लांट में कोयले का भंडार सुपर क्रिटिकल या क्रिटकल लेवल पर था।

मतलब है कि छह थर्मल पॉवर प्लांट में 7 दिन का कोयले का स्टॉक है, जबकि 16 में  सिर्फ चार दिन का। इनमें 9 पॉवर प्लांट उत्तर में हैं, जबकि 13 पश्चिम भारत में। कोयले की कमी और बढ़ती मांग के कारण बिजली के दाम और बढ़ सकते हैं।

Courtesy: Boltaup

Categories: India

Related Articles