अरुंधति रॉय ने मोदी सरकार पर हमला बोला, कहा- भारत में हिंसा का भयावह रूप

अरुंधति रॉय ने मोदी सरकार पर हमला बोला, कहा- भारत में हिंसा का भयावह रूप

मशहूर लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय ने केन्द्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है। एक कार्यक्रम के दौरान अरुंधति रॉय ने कहा कि भारत में हिंसा का माहौल काफी भयानक है। बता दें कि अरुंधति रॉय की नई किताब The Ministry of Utmost Happiness हाल ही में बाजार में आयी है। इसी के चलते अरुंधति रॉय को बीबीसी के कार्यक्रम न्यूजसाइट में आमंत्रित किया गया था, जहां अरुंधति ने भारत के मौजूदा राजनैतिक माहौल और पीएम मोदी के बारे में खुलकर बात की। कार्यक्रम के दौरान जब एंकर ने पीएम मोदी के बारे में सवाल किया तो अरुंधति रॉय ने कहा कि वह पीएम मोदी की समर्थक नहीं है और ऐसा इसलिए है क्योंकि आज भारत में जो स्थिति है खासकर मुस्लिम समुदाय की वह बेहद चिंताजनक है।

अरुंधति रॉय ने कहा कि आज देश में सड़कों पर लोगों को मारपीट कर मौत के घाट उतारा जा रहा है। मीट शॉप, लेदर और हैंडीक्राफ्ट की दुकानों को बंद करके लोगों को आर्थिक गतिविधियों से दूर किया जा रहा है। बीते दिनों जम्मू कश्मीर के कठुआ में हुए एक छोटी बच्ची के साथ रेप की घटना का जिक्र करते हुए अरुंधति रॉय ने बताया कि किस तरह से वहां बलात्कारियों के समर्थन में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए थे, जिनमें महिलाएं भी शामिल थी। रॉय का कहना है कि यह सिर्फ ट्रायल को प्रभावित करने के लिए किया गया।

मशहूर उपन्यास द गॉड ऑफ स्माल थिंग्स की लेखिका ने कहा कि देश में ध्रवीकरण की जो कोशिश की जा रही है, वह बेहद डराने वाली है। इस पर जब एंकर ने सवाल किया कि क्या आपको लगता है कि नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या अन्य राष्ट्रवादियों से भी बुरे हैं? इसके जवाब में अरुंधति रॉय ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप भी आउट ऑफ कंट्रोल हो रहे हैं, लेकिन उनके मामले में अमेरिका के सभी इंस्टीट्यूशन जैसे मीडिया, न्यायपालिका, अमेरिका की जनता या आर्मी सभी चिंतित हैं और ट्रंप को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं भारत में सभी संवैधानिक संस्थाएं को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की जा रही है। भारत में सुप्रीम कोर्ट जजों के विवाद का जिक्र करते हुए अरुंधति रॉय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 4 वरिष्ठ जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश में लोकतंत्र को खतरे में बताया था, जबकि ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया।

Courtesy: Jansatta
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