मदरसों में ‘तिरंगा’ फहराया जाता है या नहीं इसका प्रमाण चाहिए लेकिन RSS बिना ‘तिरंगा’ फहराए भी देशभक्त है

मदरसों में ‘तिरंगा’ फहराया जाता है या नहीं इसका प्रमाण चाहिए लेकिन RSS बिना ‘तिरंगा’ फहराए भी देशभक्त है

7 जून, 2018 को सुबह से लेकर शाम तक मीडिया में प्रणब मुखर्जी और संघ पर चर्चा चला है। दरअसल पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी गुरुवार को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। उन्होंने आरएसएस मुख्यालय में डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद कार्यकर्म स्थल पर संघ ने अपना भगवा झंडा फहराया और संघ गीत- ”नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे..” गाया गया। इस दौरान प्रणब मुखर्जी सावधान की मुद्रा में शांत खड़े रहे।

झंडा फहराने और संघ गीत के बाद भाषण का सिलसिला शुरू हुआ। सरसंघचालक मोहन भागवत के भाषण के बाद पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भाषण दिया। कल से लेकर आजतक मीडिया में प्रणब मुखर्जी के भाषण का पोस्टमार्टम चल रहा है। सभी अपने अपने तरीके से भाषण की व्याख्या कर रहे हैं।

लेकिन एक मुख्य सवाल है जिसपर अभी तक गंभीरता से चर्चा नहीं हुई है। ये सवाल है तिरंगा झंडा और राष्ट्रगान का। संघ ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को आमंत्रित तो किया लेकिन झंडा तिरंगे की जगह भगवा ही फहराया। साथ ही राष्ट्रगान की जगह संघ का गीत गाया गया।

जिस आदमी ने सेना के तीनों अंगों को कमांड किया हो, उनके सम्मान में तो संघ तिरंगा फहरा ही सकता था! खैर, ऐसा नहीं हुआ। पत्रकार साक्षी जोशी ने फेसबुक पर लिखा है ”मदरसों में तिरंगा फहरता है या नहीं इसका प्रमाण चाहिए, अगर नहीं फहरता तो देशद्रोही अगर फहरता भी है तो अगला टेस्ट राष्ट्रगान/राष्ट्रगीत बजता है या नहीं। लेकिन RSS के तृतीय वर्ष में तिरंगा दिखेगा न राष्ट्रगान। फिर भी ये देशभक्त बाकी ग़द्दार। एक देश दो मापदंड मेरा भारत महान”

Courtesy: Boltaup

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