अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम के बीच ऐतिहासिक मुलाकात, ट्रंप बोले- हमारे रिश्ते बेहद शानदार होंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम के बीच ऐतिहासिक मुलाकात, ट्रंप बोले- हमारे रिश्ते बेहद शानदार होंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन मंगलवार (12 जून) को सिंगापुर में मिले और हाथ मिलाकर एक दूसरे का अभिवादन किया। इसके साथ ही द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने और कोरियाई प्रायद्वीप में पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के उद्देश्य से दोनों नेताओं के बीच पहले दौर की ऐतिहासिक शिखर वार्ता हुई। इस बैठक का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाना और कोरियाई प्रायद्वीप में पूर्ण निरस्त्रीकरण था। करीब 50 मिनट तक चली यह बैठक सिंगापुर के सैंटोसा द्वीप के होटल कपैला में हुई।

ट्रंप और किम के बीच यह मुलाकात सिंगापुर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सेंटोसा के एक लग्जरी होटल में हुई। अमेरिका और उत्तर कोरियाई ध्वजों के सामने दोनों एक दूसरे की तरफ आगे बढ़े और दृढ़ता से एक-दूसरे का हाथ थाम लिया।महीनों की लंबी कूटनीतिक खींचतान और बातचीत के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात है। यह मुलाकात भारतीय समयानुसार सुबह 6.30 बजे शुरू हुई थी।

राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि यह शिखर वार्ता ‘‘जबर्दस्त सफलता’’ वाली होगी। उत्तर कोरियाई नेता के बगल में बैठकर ट्रंप ने कहा, ‘‘आगे हमारे रिश्ते बेहद शानदार होंगे।’’ ट्रंप से जब यह पूछा गया कि शुरुआत में कैसा महसूस हुआ तो उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं, हम बेहद अच्छी चर्चा करने वाले हैं और हमारे रिश्ते शानदार होंगे, इसमें मुझे कोई संदेह नहीं है।’’

 

उत्तर कोरियाई तानाशाह ने कहा कि सिंगापुर में आज हो रही बैठक की राह में कई ‘‘रोड़े’’ थे। उन्होंने अनुवादक के जरिये संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमनें उन बाधाओं को पार किया और आज हम यहां हैं।’’ हाथ मिलाने के बाद दोनों नेता होटल के अंदर चले गए। स्थानीय समयानुसार सुबह नौ बजकर छह मिनट पर वे कमरे में गए जहां उन्होंने अकेले में मुलाकात की। इस दौरान अनुवादक ट्रंप के बगल में बैठा था।

उत्तर कोरियाई तानाशाह ने कहा कि आज सिंगापुर में हो रही बातचीत में कई ‘‘बाधाएं’’ थीं। उन्होंने अनुवादक के जरिये संवाददाताओं को बताया, ‘‘यहां आना आसान नहीं था। अतीत ने हमारे रास्ते में कई बाधाएं खड़ी की लेकिन हमने उन सभी को पार किया और आज हम यहां हैं।’’ इसके बाद ट्रंप ने कहा, ‘‘आपका बहुत शुक्रिया।’’

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक इस वार्ता को अमेरिका और उत्तर कोरिया की तरफ से सात-सात संवाददाता आधिकारिक रूप से कवर कर रहे हैं। इस वार्ता के एजेंडे में उत्तर कोरिया की परमाणु क्षमताएं हैं। अमेरिका को उम्मीद है कि वह आर्थिक सहायता के बदले उत्तर कोरिया को इन्हें छोड़ने के लिये राजी कर लेगा।

मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति और एक उत्तर कोरियाई नेता के बीच हो रही यह पहली शिखर वार्ता ट्रंप और किम के बीच कभी बेहद तल्ख रहे रिश्तों को भी बदलने वाली साबित होगी। वार्ता की पूर्व संध्या पर अमेरिका ने ‘‘पूर्ण, सत्यापित और अपरिवर्तनीय’’ परमाणु निरस्त्रीकरण के बदले उत्तर कोरिया को ‘विशिष्ट’ सुरक्षा गारंटी की पेशकश की थी।

व्हाइट हाउस ने इस बात की पुष्टि की है कि 71 वर्षीय राष्ट्रपति ट्रंप और 34 वर्षीय किम के बीच पहले अकेले बैठक होगी जिसमें सिर्फ अनुवादक मौजूद रहेंगे। अमेरिका ने इस बात पर जोर दिया है कि उसे कोरियाई प्रायद्वीप में पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।

उत्तर कोरिया की आधिकारिक संवाद समिति ने रविवार को कहा था कि किम वार्ता के दौरान ‘‘परमाणु निरस्त्रीकरण’’ और ‘‘स्थायी शांति’’ के लिये बातचीत को तैयार हैं। ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि किम के पास इतिहास रचने का ‘‘एक मौका’’ है।

 

Courtesy: jantakareporter

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