इमरजेंसी के बहाने ‘इंदिरा’ को कोसने वालों, एक झटके में पाकिस्तान के 2 टुकड़े करने वाली भी यही ‘दुर्गा’ थीः आचार्य प्रमोद

इमरजेंसी के बहाने ‘इंदिरा’ को कोसने वालों, एक झटके में पाकिस्तान के 2 टुकड़े करने वाली भी यही ‘दुर्गा’ थीः आचार्य प्रमोद

आपातकाल लागू किए जाने के 43 साल पूरे हो गए हैं और भाजपा ‘काला दिवस’ मना रही है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस दिन को संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए स्वयं को पुन:समर्पित करने के लिए मनाए जाने की ज़रूरत है।

मुंबई में मंगलवार को आपातकाल की बरसी पर पार्टी की ओर से आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आपातकाल देश के स्वर्णिम इतिहास पर काला धब्बा है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ आपातकाल लगाने जैसे पाप के लिए कांग्रेस की आलोचना करने की खातिर ही आज काला दिवस नहीं मनाया जा रहा है बल्कि इस दिन को मनाने का उद्देश्य संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जागरूकता फैलाना भी है।

पीएम ने कहा कि स्वार्थी हितों के लिए कांग्रेस ने विपक्ष के नेताओं को जेल में बंद कर देश को कारागार में बदल दिया था। उनके लिए देश और लोकतंत्र की कोई कीमत नहीं है। अदालत के फैसले के बाद इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री का पद छोड़ने के बजाए आपातकाल लगा दिया।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री एवं बेजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने आपातकाल को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तुलना जर्मनी के शासक एडोल्फ हिटलर से की। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी की आपातकाल में भूमिका हिटलर की कार्यशैली के समान हो गई थी। उन्होंने यहा तक कहा कि इंदिरा गांधी ने कुछ ऐसे काम किए जो हिटलर ने भी नहीं किए थे।

पीएम मोदी और अरुण जेटली के इन बयानों पर कल्कि धाम पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आपातकाल के बहाने इंदिरा गांधी को बुरा-भला कहने वालों को याद दिलाते हुए कहा पाकिस्तान के दो टुकड़े करने वाली भी इंदिरा गांधी थी।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “इमर्जेंसी का रोना रोकर, इंदिरा गांधी को कोसने वालों, एक झटके में पाकिस्तान के दो टुकड़े करने वाली भी यही “दुर्गा” थी”।

 

 

Courtesy: Boltaup

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