CAG रिपोर्ट में खुलासा: पतंजलि ने गंगा को किया प्रदूषित, क्या इसलिए हत्यारी वेदांता का समर्थन कर रहे थे ‘रामदेव’

CAG रिपोर्ट में खुलासा: पतंजलि ने गंगा को किया प्रदूषित, क्या इसलिए हत्यारी वेदांता का समर्थन कर रहे थे ‘रामदेव’

चोर-चोर मौसेरे भाई’ ये कहावत अक्सर एक जैसा गलत काम करने वाले दो लोगों के लिए कही जाती है। इसका एक बड़ा उदाहरण भी अब सामने आ गया है।

पिछले दिनों तमिलनाडु के तूतीकोरिन में वेदांता ग्रुप के स्टरलाइट यूनिट के खिलाफ हुए भारी विरोध-प्रदर्शन को योग गुरु बाबा रामदेव ने ‘विदेशी साजिश’ बताया है। रामदेव ने वेदांता रिसोर्सेज के मालिक अनिल अग्रवाल के साथ एक तस्वीर शेयर कर उनकी तारीफ में जमकर कसीदे पढ़े हैं।

बता दें, कि इसी वर्ष मई में तमिलनाडु के तूतीकोरिन ज़िले में वेदांता की कंपनी स्टरलाइट कॉपर यूनिट को बंद करने की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहा था| प्रदर्शन हिंसक होने पर पुलिस गोलीबारी से हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 25 अन्य घायल हो गए थे।

ये गोलीबारी स्टरलाइट कॉपर यूनिट विस्तार योजना के कारण हुई। इस इलाके के लोग वेदांता के ताम्‍बा ढलाई कारखाने के विस्‍तार का सौ दिन से विरोध कर रहे थे। प्रदर्शन करने वाले लोगों का कहना है कि ये विस्तार पर्यावरण के लिहाज़ से खतरनाक है। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने 28 मई को इस कॉपर कारखाने को स्थाई रूप से बंद करने का आदेश दे दिया।

रामदेव ने सोमवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर अनिल अग्रवाल से मुलाकात की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘दक्षिण भारत में वेदांता के एक प्लांट में विदेशी साजिश के तहत निर्दोष स्थानीय नागरिकों के द्वारा प्रदर्शन करवाया गया। उद्योग राष्ट्र के विकास का मंदिर होता है। इन्हें बंद नहीं किया जाना चाहिए।’

वेदांता पर रामदेव की इस मेहरबानी का कारण उनका अनिल अग्रवाल के लिए प्रेम नहीं बल्कि कुछ और है।

दरअसल, जिस तरह वेदांता पर पर्यावरण को प्रदूषित करने का आरोप है। उसी तरह बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि पर भी गंगा नदी को प्रदूषित करने का आरोप है। ये बात नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने भी अपनी रिपोर्ट में कही है।

पिछले साल दिसंबर में सीएजी द्वारा संसद में पेश की गई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ था कि गंगा के प्रदूषण के लिए जिम्मेदार कंपनियों में बाबा रामदेव की पतंजलि भी शामिल है। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में पाया था कि पतंजलि उन 180 उद्योगों में से एक था, जिन्होंने गंगा नदी को प्रदूषित किया।

रिपोर्ट में कहा गया था कि उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूईपीपीसीबी) को पतंजलि समेत 180 उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था, जिन्हें वर्ष 2015-16 में कारण बताओं नोटिस जारी किए गए थे।

गौरतलब है कि गंगा को साफ करना भाजपा के घोषणापत्र का हिस्सा है। लेकिन मोदी सरकार के दौरान उनके करीबी माने जाने वाले रामदेव ही अब गंगा को प्रदुषित कर रहे हैं।

अब रामदेव के खिलाफ दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के लोगों में भारी नाराजगी है। तमिलनाडु के लोगों ने पतंजलि उत्पादों का बहिष्कार करने की धमकी दी है। वहीं कुछ लोगों ने तंज सकते हुए रामदेव से इस यूनिट को उत्तराखंड स्थित पतंजलि में ले जाने की सलाह दी।

Courtesy: deshyug.

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