मेट्रो मैन श्रीधरन ने मोदी सरकार को लगाई फटकार, बोले- पहले रेलवे सुधारो, मेट्रो आम आदमी की पहुँच से दूर

मेट्रो मैन श्रीधरन ने मोदी सरकार को लगाई फटकार, बोले- पहले रेलवे सुधारो, मेट्रो आम आदमी की पहुँच से दूर

केंद्र की मोदी सरकार भले ही बुलेट ट्रेन को देश के विकास का पैमाना बता रही हो और इस परियोजना को सफ़ल बनाने के लिए ज़ोर-शोर से तैयारियों में जुटी हो। लेकिन सरकार की इस परियोजना का लाभ देश की आम जनता को कितना मिलेगा, इसका जवाब दिल्ली मेट्रो के पूर्व प्रमुख ई श्रीधरन ने एक साक्षात्कार में दिया।

हिंदुस्तान टाईम्स को दिए साक्षात्कार में श्रीधरन ने कहा कि बुलेट ट्रेन इलीट क्लास के लिए है, जो कि आम जनता की पहुंच से दूर है। उन्होंने कहा कि भारत को बुलेट ट्रेन की नहीं बल्कि सुरक्षित रेल व्यवस्था की ज़रूरत है। रेल हादसों में इन दिनों बढ़ौतरी हुई है। इसलिए पहले सुरक्षित रेल व्यवस्था की दिशा में काम करने की ज़रूरत है।

भीरतीय रेल में तेज़ी से बदलाव के मोदी सरकार के दावों के उलट श्रीधरन ने कहा कि मैं इस बात से इत्तेफ़ाक नहीं रखता कि भारतीय रेल में तेज़ी से बदलाव आए हैं। ट्रेनों की रफ़्तार नहीं बढ़ी है, बल्कि कई अहम ट्रेनों की औसत रफ़्तार में कमी आई है। ट्रेनों को समय पर चलाना अभी भी चुनौती है। ट्रेन हासदों में कमी नहीं आई है, बल्कि लेवल क्रॉसिंग के दौरान हादसे बढ़े हैं। रेलवे ट्रैक पर साल में करीब 20 हज़ार लोगों की जानें जाती हैं।

मोदी सरकार की बुलेट ट्रेन परियोजना पर निशाना साधते हुए श्रीधरन ने कहा कि आज़ादी के 70 साल बाद भी देश की एक तिहाई जनसंख्या ग़रीबी रेखा से नीचे रहती है। ऐसे में बुलेट ट्रेन की बात करना राजनीतिक लक्ष्य को महत्व देना है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल की स्थिति विकसित देशों में चलने वाली मौजूदा ट्रेनों की स्थिति से 20 साल पीछे है।

Courtesy: Boltaup

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