मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को “चड्ढी” और “बानियान” भी किस तरह का पहनना है, इसका “फ़ैसला” भी “सरकार” को कर देना चाहियेः आचार्य प्रमोद

मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को “चड्ढी” और “बानियान” भी किस तरह का पहनना है, इसका “फ़ैसला” भी “सरकार” को कर देना चाहियेः आचार्य प्रमोद

नई दिल्ली – यूपी की सत्ता संभालने के बाद योगी सरकार लगातार मदरसों को टार्गेट करती रही है। योगी सरकार ने अपनी आदतनुसार अब एक नये फैसले ने बड़ी बेचैनी पैदा करदी है, योगी सरकार ने संकेत दिया है कि अब मदरसो में ड्रेस कोड लागू किया जायेगा, जिसका मदरसों के ज़िम्मेदारों ने विरोध किया है, उधर इस फैसले को सरकार मदरसों के आधुनिकीकरण की राह में एक बड़ा कदम बता रही है।

क्या है मामला

मदरसों में शिक्षा हासिल करने वाले छात्रों के लिए सरकार ड्रेस कोड लागू करने जा रही है। अब मदरसे के छात्र कुर्ता-पायजामा पहन कर मदरसे में पढ़ने के लिए नहीं जा सकेंगे। प्रदेश सरकार में वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि इसको लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जिसे जल्द ही लागू करने की कोशिश की  जाएगी। वक्फ मंत्री के बयान को लेकर उलमा ने अपनी नाराजगी भी जाहिर करना शुरू कर दी है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम का तंज

यूपी सरकार के मंत्री के इस बयान पर मशहूर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तंज करते हुए कहा है कि मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को “चड़द्दी” और “बानियान” भी किस तरह का पहनना है, इसका “फ़ैसला” भी “सरकार” को कर देना चाहिये.

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इसके अलावा कांग्रेस प्रवक्ता को गाली दिये जाने को लेकर भी टिप्पणी की है और सवाल उठाया है कि प्रियंका चतुर्वेदी और सुषमा स्वराज की ट्रोलिंग “ग़लत” है, लेकिन राहुल गांधी से लेकर मोतीलाल नेहरु तक, पूरे “नेहरु ख़ानदान” को “गालियाँ” देना सही है क्या ?

अपने बेबाक बयानों के लिये मशहूर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मोदी सरकार द्वारा किसानों के समर्थन मूल्य बढ़ाये जाने को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि “धान” की क़ीमत बढ़ाओ या “गेहूँ” की…2019 में, अब तुम नहीं आने वाले. उन्होंने आगे कहा कि भगवान को “धोखा” देने वालों “किसान” को तो बख़्श दो.

Courtesy: nationalspeak.

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