AMU में आरक्षण मांगने वाले योगी ने अपनी सरकार में ख़त्म किया OBC कोटा, सिर्फ मुस्लिमों से लड़ाने के लिए पिछड़ों को साथ लेती है BJP ?

AMU में आरक्षण मांगने वाले योगी ने अपनी सरकार में ख़त्म किया OBC कोटा, सिर्फ मुस्लिमों से लड़ाने के लिए पिछड़ों को साथ लेती है BJP ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2016 में आंबेडकर मेमोरियल में भाषण देते हुए कहा था ‘आरक्षण कोई छीन नहीं सकता’ पीएम मोदी ने देश के वंचित वर्ग को विश्वास दिलाते हुए कहा था कि ‘दलितों और अन्य पिछड़े वर्गों को दिए जा रहे आरक्षण की नीति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा’

लेकिन आज इस भाषण के एक-एक शब्द झूठ लगते हैं। विश्वविद्यालयों में आरक्षण की अवहेलना करते हुए युद्धस्तर शिक्षकों की बहाली की जा रही है। खासकर ठाकुर योगी आदित्यनाथ के शासन वाले यूपी में आरक्षण की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। एक तरफ योगी आदित्यनाथ AMU में दलितों, पिछड़ों के लिए आरक्षण की मांग कर रहे हैं और दूसरी तरफ अपने मंत्रालयों में आरक्षण को खत्म कर रहे हैं।

पीएम मोदी के करीबी स्वतंत्रदेव सिंह (ठाकुर) उत्तर प्रदेश में परिवहन मंत्री हैं। Uttar Pradesh State Road Transport Corporation ने 27 जून 2018 को एक विज्ञप्ति जारी की। ये विज्ञप्ति है उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में 127 Conductor (परिचालकों) की भर्ती के लिए।

आरक्षण के हिसाब से तो इन 127 सीटों में से 19 सीट SC, 9 सीट ST और 34 सीट OBC के लिए आरक्षित होनी चाहिए थी। यानी कुल 127 में से 62 सीट आरक्षित और 65 सीट अनारक्षित होनी चाहिए थी।

लेकिन विज्ञप्ति में साफ साफ लिखा है कुल 127 सीटों में से मात्र 27 SC/ST के लिए आरक्षित है। बाकि 100 सीट समान्य वर्ग के लिए ‘आरक्षित’ है। सीटों के बटवारे में OBC का जिक्र ही नहीं है। क्या उत्तर प्रदेश में OBC आरक्षण खत्म हो गया है? अगर नहीं तो फिर OBC के लिए सीट क्यों आरक्षित नहीं हैं?

ये भर्ती संविदा पर की जा रही है यानी ये नौकरी स्थायी नहीं है। साथ ही चयनित अभ्यार्थियों Security के रूप में 10,000 रूपए जमा कराने होंगे। इसके बाद 15 दिन का अवैतनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। मतलब शुरू के 15 दिन का पैसा नहीं मिलेगा।

विज्ञप्ति के सबसे अंतिम लाइन में लिखा है चयनित संविदा परिचालकों को किलोमीटर के आधार पर भुगतान किया जाएगा। इसका मतलब ये हुआ कि शैलरी का कोई फिक्स अमाउंट नहीं है। कुल मिलाकर बात ये है कि इस भर्ती के माध्यम से आरक्षण और स्थायी नौकरियां दोनों पर हमला किया जा रहा है।

एक बात और ये भर्ती Interview के माध्यम से किया जाएगा। विज्ञप्ति में लिखा है नोट- किसी भी श्रोत से आवेदक की भर्ती करने अथवा ना करने का अधिकार प्रबन्धन के पास सुरक्षित है। मतलब साफ है प्रबन्धन में बैठे लोग पैसे लेकर या जाति देखकर भर्ती करने के लिए स्वतंत्र हैं।

Courtesy: Boltaup

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