बेशर्मी की हदें पार कर चुका गोदी मीडिया, ABP News ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को बताया ‘पाकिस्तानी प्रेमी गैंग’

बेशर्मी की हदें पार कर चुका गोदी मीडिया, ABP News ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को बताया ‘पाकिस्तानी प्रेमी गैंग’

इस देश का मीडिया अब इस हद तक बेशर्म हो गया है कि पूर्व उपराष्ट्रपति को भी पाकिस्तानी प्रेमी कहने में हिचक नहीं रहा है। क्योंकि राजनीतिक आकाओं का इशारा होगा कि विरोधी नेताओं की छवि को धूमिल करना है, चाहे किसी भी हद तक गिरकर।

मोदी की गोदी में बैठकर उनसे सख्त सवाल ना करने की आदत तो मीडिया ने 4 साल पहले ही अपना ली थी लेकिन धीरे-धीरे बेशर्मी के नए उदाहरण बनाती चला गया ।दिन-रात हिंदू मुस्लिम पर चर्चा किया, राष्ट्रवाद के नाम पर लोगों को गुमराह किया और अब बेशर्मी का नया रिकॉर्ड बनाने पर उतारू है।

ABP न्यूज़ खुद को बैलेंस दिखाने की कितनी भी कोशिश कर ले लेकिन इसकी पक्षपातपूर्ण पत्रकारिता किसी से छुपी नहीं है।

शुक्रवार, 13 जुलाई की सुबह इस TV चैनल पर प्रोग्राम चलाया जाता है जिसमें महबूबा मुफ्ती, शशि थरूर और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की फोटो लगाकर लिखा जाता है ‘हिंदुस्तान में पाकिस्तानी प्रेमी गैंग’ ।

किसी दल विशेष की खुशामदी में यह न्यूज़ चैनल पूर्व उपराष्ट्रपति को इस तरह से अपमानित करते हुए किसी ‘गैंग’ की संज्ञा दे रहा है।

खैर, कोबरापोस्ट के स्टिंग में बेनकाब हुए इस बिकाऊ मीडिया से किसी तरह के एथिक्स की उम्मीद करना भी बेकार है।

जब तक पीडीपी बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाए हुई हुई थी तब तक महबूबा मुफ्ती इनके लिए एक राजनीतिक दल की नेता थीं लेकिन अलग होते ही अब वह एक आतंकवादी संगठन जैसे हो गईं।

विदेशों में जाकर शशि थरूर भारत देश के गौरवशाली अतीत पर भाषण देते हैं तो बेहतरीन नेता कहलाते हैं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे लगातार हमले से नाराज होकर अपनी चिंता जताते हैं तो मीडिया के निशाने पर आ जाते हैं ।

खैर बात यहीं तक नहीं रुकती, देश के पूर्व उपराष्ट्रपति पर व्यक्तिगत हमला किया जाता है। हाल ही में एक इंटरव्यू में हामिद अंसारी इशारों में मोदी सरकार की आलोचना करते हैं, देश के हालात पर अपनी चिंता जताते हैं ।

इसके बाद किसी भी बीजेपी नेता से ज्यादा हमलावर होते हुए गोदी मीडिया उन पर टूट पड़ता है।

वैसे तो किसी भी व्यक्ति या किसी देश से प्रेम करना कोई गुनाह नहीं है । पाकिस्तानी प्रेमी भी होना कोई गुनाह नहीं है । लेकिन वह किस दुर्भावना के साथ और किस प्रोजेक्शन के साथ लिखा और प्रस्तुत किया गया, उसे इस प्रोग्राम में देखा जा सकता है ।

और ‘गैंग’ से क्या मतलब है ? क्या देश के पूर्व उपराष्ट्रपति गैंग और गिरोह की संज्ञा के साथ नवाजे जाएंगे ?

क्या अब टीवी के एंकर और BJP के बेशर्म प्रवक्ताओं में कोई फर्क रह गया है ?

बात-बात में विरोधी दलों को हिंदू विरोधी राष्ट्र विरोधी साबित करते इन पत्रकारों और बीजेपी नेताओं में क्या अंतर रह गया है ?

Courtesy: Boltaup

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