फुटबॉल विश्व कप : फ्रांस ने ख़िताब जीता और क्रोएशिया ने दिल लेकिन चर्चा रहा पुतिन की छतरी का

फुटबॉल विश्व कप : फ्रांस ने ख़िताब जीता और क्रोएशिया ने दिल लेकिन चर्चा रहा पुतिन की छतरी का

रूस की राजधानी मॉस्को में हुए फुटबॉल विश्व कप -2018 के फाइनल में फ्रांस ने क्रोएशिया को 4-2 से हराकर दूसरी बार ख़िताब अपने नाम किया. क्रोएशिया के समर्थक स्वाभाविक तौर पर इस हार से दुखी थे लेकिन उनके चेहरे पर अपने छोटे से मुल्क की टीम के शानदार प्रदर्शन पर गर्व भी साफ झलक रहा था. हालांकि इस सबके बीच मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की छतरी का चर्चा कहीं ज़्यादा रहा.

दरअसल मैच के बाद जैसे ही पुरस्कार वितरण की तैयारी हो ही रही थी कि तेज बारिश आ गई. इस समारोह में पुतिन के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों और क्रोएशिया की राष्ट्र प्रमुख कोलिंदा ग्राबर कितारोविक भी मौज़ूद थीं. लेकिन जैसे ही बारिश हुई रूस के सुरक्षा अधिकारी दौड़ कर छाता ले आए और उसे उन्होंने पुतिन पर तान दिया. माक्रों और कोलिंदा भी बारिश में भीग रहे थे. लेकिन उनके लिए काफी देर तक छातों का इंतज़ाम नहीं हुआ. इस दौरान पुतिन भी किसी तरह का शिष्टाचार या लिहाज़ दिखाए बिना छाते में खड़े रहे.

फिर क्या था. इसके बाद मीडिया और सोशल मीडिया के ट्विटर आदि विभिन्न माध्यमों पर पुतिन के छाते की जो चर्चा शुरू हुई उसने एकबारगी तो फुटबॉल विश्व कप के फाइनल फ्रांस की जीत का मसला भी पीछे छोड़ दिया. हालांकि थोड़ी देर बाद काफी छाते आ गए. फ्रांस, क्रोशियाई राष्ट्रपतियों समेत कोच और अन्य लोगों को भी छाते मिले. मगर पुतिन की छतरी की चर्चा फिर भी जारी रही.

ऐसा ही एक ट्वीट था – ‘पुतिन के पास अपना छातेवाला है और बाकी सब बारिश में भीग रहे हैं. यह सब ताकत का खेल है.’ रोरी स्मिथ ने तंज किया, ‘केवल एक छाता खरीदा गया था और वह पुतिन के लिए था और वह किसी से अपना छाता शेयर नहीं करते.’

 

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस मसले पर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, ‘पुतिन के छाते ने ट्रॉफी समारोह को करीब करीब ढंक लिया.’

फियोन ली नाम के यूज़र ने ट्वीट किया, ‘चलो अाखिरकार खिलाड़ियों को छोड़ सबके लिए छाते आ गए.’

इसके पहले फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने मैच के दौरान फ्रांस के आगे होने पर प्रेस बॉक्स में अाकर एेसा जश्न मनाया कि उनकी तस्वीर ने भी टि्वटर पर आग लगा दी. लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘कम से कम प्रेस बॉक्स को तो बख्श देते.’

फ्रांस और क्रोएशिया के राष्ट्रपति एक साथ मैच देख रहे थे. फ्रांस के गोल पर माक्रों उछले तो क्रोएशिया की राष्ट्रपति के चेहरे पर उदासी थी. लेकिन जब क्रोएशिया के गोल पर कोलिंदा उछलीं तो माक्रों की निराशा भी साफ झलक रही थी

 

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