गोरक्षा के नाम पर होने वाली हत्याओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- भीड़तंत्र की नहीं दी जा सकती इजाजत, संसद कानून बनाए

गोरक्षा के नाम पर होने वाली हत्याओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- भीड़तंत्र की नहीं दी जा सकती इजाजत, संसद कानून बनाए

गोरक्षा के नाम पर हिंसा किए जाने की घटनाओं पर लगाम लगाने संबंधी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (17 जुलाई) को बड़ा फैसला दिया है। गोरक्षा के नाम पर होने वाली हत्याओं पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोई भी नागरिक अपने हाथ में कानून नहीं ले सकता। ये राज्य सरकारों का फर्ज है कि वो कानून व्यस्था बनाए रखें। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में भीड़तंत्र के लिए जगह नहीं है। इस मामले में तीन जुलाई को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को सख्त आदेश दिया है कि चार हफ्ते में निर्देश लागू करें सरकारें। साथ ही संसद इसके लिए कड़ा कानून बनाए। शीर्ष अदालत ने पिछले कुछ दिनों में गोरक्षा के नाम पर देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई हत्याओं पर रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए है। अदालत ने अपने अहम फैसले में कहा कि भीड़तंत्र की इजाजत नहीं दी जा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने संसद से इस मामले में कानून बनाने और सरकारों को संविधान के अनुसार काम करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि कोई भी अपने आप में कानून नहीं हो सकता है। शांति स्थापित करना सरकार का दायित्व है। अदालत ने साथ ही कहा कि सरकार पीड़ितों को मुआवजा दे। शीर्ष अदालत ने कहा कि चार हफ्तों में केंद्र और राज्य सरकार अदालत के आदेश को लागू करें।

 

Courtesy: jantakareporter.

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