जम्मू कश्मीरः छलका पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक़ अब्दुल्लाह का दर्द, कहा ‘ऐसे भारत का सपना तो नहीं देखा था जहां मुसलमानों पर…’

जम्मू कश्मीरः छलका पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक़ अब्दुल्लाह का दर्द, कहा ‘ऐसे भारत का सपना तो नहीं देखा था जहां मुसलमानों पर…’

नई दिल्ली  पिछले कुछ महीनों से अपने बेबाक बयानों के लिये मीडिया की चर्चा का केन्द्र बने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक़ अब्दुल्ला ने मुसलमानो के लिये मुश्किल होते जा रहे हालात पर एक बयान दिया है, उन्होंने अपने बयान में मुसलमानों को निशाना बनाये जाने पर सख्त टिप्पड़ी की है.

फारूक़ अब्दुल्लाह ने बीते गुरुवार को कश्मीर के कूपवाड़ा में आयोजित एक जनसभा के दौरान कहा,‘भारत सभी धर्मों को मानने वालों का देश है, चाहे यहां कोई हिंदू हो या मुस्लिम या सिक्ख हो या ईसाई.’उन्होंने कहा, ‘कुछ ताकतें अभी भी यहां हैं जो नहीं चाहतीं कि घाटी में शांति लौटे. ऐसे लोगों का काम ही हत्याएं करना है.’ डॉ. फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि आज भारत पहले की तुलना में काफी बदला हुआ है.

उन्होंने कहा कि कुछ सांप्रदायिक ताकतें हैं जो नहीं चाहती कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच हालात में सुधर हो.  डॉ. फारूक़ अब्दुल्ला ने इन सांप्रदायिक ताकतों को “पागल कुत्ता” करार दिया है और कहा है कि यह ताकतें समझती है कि सिर्फ उनका ही वजूद हो बाकी कोई और न रहे. यह आज का हिंदुस्तान है जो हम समझते है, लेकिन यह अब वैसा नहीं रहा.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी का बराबर का इस देश पर अधिकार है लेकिन कुछ ताकतें इसको बदलना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि सिख, मुस्लिम, ईसाई, आदि धर्मों का नाम लेते हुए कहा कि यह देश सबका है, और रब हमें ऐसी ताकतों से बचाए जो सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रही हैं. उन्होंने कहा कि जो सांप्रदायिकता हमारे देश में भी बढ़ रही है उससे रब ही हमें बचाए. आज देश में मुसलमानों को उस तरह से मरवाया जा रहा है जिसे मैं बयां नहीं कर सकता.

Courtesy: nationalspeak

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