अलवर मॉब लिंचिंग : दम तोड़ रहा रहा था पीड़ित मगर पुलिस ने पहले गाय को पहुँचाया गौशाला, फिर अकबर को अस्पताल

अलवर मॉब लिंचिंग : दम तोड़ रहा रहा था पीड़ित मगर पुलिस ने पहले गाय को पहुँचाया गौशाला, फिर अकबर को अस्पताल

देश में गौरक्षा के नाम पर आतंक बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ सालों में गौरक्षा के नाम पर कई लोगों की जान ले ली गई हैं। इस तरह की घटनाएँ सबसे ज़्यादा भाजपा शासित राजस्थान में सामने आई हैं। इसके बावजूद राज्य की पुलिस इस तरह की घटनाओं को लेकर ढीला रवैय्या अपना रही है।

हाल ही में राजस्थान के अलवर में गौरक्षा के नाम पर अकबर नाम के नौजवान की पीट-पीटकर हत्या कर देने के मामले में भी पुलिस का ऐसा ही रवैय्या सामने आया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिस पीड़ित अकबर को घायल हालत में अस्पताल ले जाने से पहले घंटों तक घुमाती रही। इतना ही नहीं पुलिस ने घायल रकबर को पीटा भी था। जिसके कारण उसकी जान चली गई।

रकबर को बुरी तरह पीटा गया था। इसके बावजूद पुलिस ने उसे अस्पताल ले जाने में जल्दी नहीं की। मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार पुलिस को देर रात 12:41 बजे घटना की सूचना मिली और पुलिस 1:20 बजे वहां पहुंची। पुलिस के साथ गए नवल किशोर के अनुसार पुलिसवालों ने घायल के शरीर को धोया क्योंकि वह कीचड़ से सना था, उसके बाद उन्होंने कई अन्य काम किए।

उनका पहला पड़ाव नवल किशोर का घर था, जहां से उन्होंने गाड़ी का इंतजाम किया ताकि गायों को स्थानीय गोशाला ले जाया जा सके।
इसके बाद पुलिस जब्त की गई गायों को गोशाला ले गई, फिर पुलिस थाने गई और यहां तक कि चाय पीने के लिए भी रुकी। अस्पताल पहुंचने तक रकबर उर्फ रकबर की जान जा चुकी थी।

बता दें, कि राजस्थान के अलवर में शुक्रवार को पशुतस्करी के आरोप में जिस शख्स की हत्या कर दी गई है वह अपने परिवार के लिए रोटी कमाने वाला अकेला शख्स था। भीड़ के हमले में जान गंवाने वाला रकबर खान हरियाणा के मेवात जिले का रहने वाला था। अब उसके आश्रितों के सामने जीने का संकट आकर खड़ा हो गया है। रकबर के घर में पत्नी, माता-पिता और सात बच्चे हैं।

Courtesy: Boltaup

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