ग्रेटर नोएडा से दो संदिग्ध बांग्लादेशी आतंकवादी गिरफ्तार, बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे आतंकी

ग्रेटर नोएडा से दो संदिग्ध बांग्लादेशी आतंकवादी गिरफ्तार, बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे आतंकी

उत्तर प्रदेश एटीएस और पश्चिम बंगाल पुलिस की संयुक्त टीम को मंगलवार (24 जुलाई) को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मंगलवार को टीम ने कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध बांग्लादेशी आतंकवादियों को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है। ये दोनों आतंकवादी संगठन जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के सदस्य बताए जा रहे हैं। बंगाल पुलिस को बांग्लादेश में हुए एक बम विस्फोट में इन दोनों संदिग्ध आतंकियों के शामिल होने का शक है।

उत्तर प्रदेश एटीएस तथा पश्चिम बंगाल पुलिस ने ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र से दोनों संदिग्घ आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनके बारे में पश्चिम बंगाल पुलिस ने एटीएस को सूचना दी थी। दोनों के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई है, लेकिन इनके मोबाइल फोन से एटीएस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। दोनों कई आतंकी संगठनों से जुड़े हुए थे।आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि इनके इरादे खतरनाक लग रहे थे। यह दोनों आतंकी बांग्लादेश के हैं।

हिंदुस्तान में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि दोनों आतंकवादियों की पहचान बांग्लादेश के रूबेल अहमद और मुशर्रफ हुसैन के रूप में हुई है। रूबेल ठाकुरगांव रंगपुर जिले के टेंग्रिया गांव का रहने वाला है। मुशर्रफ हुसैन उर्फ मूसा उर्फ तेजेरुल इस्लाम भी इसी गांव का रहने वाला है। बांग्लादेश में संदिग्ध गतिविधियों के बाद पुलिस का दबाव बढ़ने पर ये दोनों इसी साल भागकर भारत आ गए थे।

मीडिया से बातचीत में आईजी ने बताया कि सात महीने पहले देवबंद में तीन आतंकवादी गिरफ्तार किए गए थे। उनसे ही यह जानकारी मिली थी कि बांग्लादेश के आतंकी गाजियाबाद और नोएडा में छिपे हुए हैं। ये लोग किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। इसके बाद ही इनकी तलाश शुरू की गई थी। डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि दोनों आतंकियों से पूछताछ के लिए एटीएस की एक टीम भी पश्चिम बंगाल भेजी जाएगी।

एनसीआर का महत्वपूर्ण शहर होने के बावजूद गौतमबुद्धनगर की स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआइयू) की नाकामी एक बार फिर उजागर हुई है। दिल्ली के रास्ते नोएडा में घुसे संदिग्ध आतंकवादी बस में बैठकर आराम से ग्रेटर नोएडा तक पहुंच गए और एलआईयू को इसकी भनक तक नहीं लगी। एटीएस को गिरफ्तार किए गए दोनों बांग्लादेशी आतंकियों के पास से एक मोबाइल फोन मिला है। जांच एजेंसियां इस मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाल रही है।

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