देशभक्ति का प्रवचन बांचने वाले मोदी को सेना ने भेजा कानूनी नोटिस, पढ़ें

देशभक्ति का प्रवचन बांचने वाले मोदी को सेना ने भेजा कानूनी नोटिस, पढ़ें

आज भारत में एक ऐसी सरकार चल रही है जो भारतीय सेना के खून की दलाली करने से भी बाज नहीं आती. हर किसी को देशभक्ति का प्रमाण पत्र बांटने की कवायद शुरु है. कौन देशभक्त है और कौन देशद्रोही, इसकी घोषणा करने की पूरी जिम्मेदारी कोर्ट ने नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने ले ली है. जो उनके साथ है वो देशभक्त और जो विरोधी है, वो देशद्रोही.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पाकिस्तान जाकर नवाज शरीफ की बिरयानी खाते हैं और लाखों हिंदुस्तानियों की शहादत की जिम्मेवार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को अपने देश के एयरफोर्स स्टेशन में घुसा कर जांच कराते हैं और इनके नेता दूसरे को पाकिस्तान भेजते रहते हैं. इस बार इनका दांव उल्टा पड़ गया है. एक सैन्य अधिकारी ने पीएम नरेंद्र मोदी को कानूनी नोटिस भेज कर इनके फर्जी राष्ट्रवाद की हवा निकाल दी है.

1. सेना ने लिया सबक सिखाने का फैसला

 

हुआ यूं कि मोदी सरकार ने सेना के जवानों को अब तक मिलने वाले फ्री राशन की जगह महज 96 रुपया रोज खाने के लिए पैसा देने का प्रस्ताव लाया है. अब तक के अपने हर फैसले को लागू करने में नक्कारा साबित हुई मोदी सरकार इस फैसले को भी क्रियान्वित करने में पूरी तरह विफल रही. सेना के अधिकारियों और जवानों ने एक स्वर से सरकार को इस मसले पर घेरने का मन बना लिया है.

राजस्थान में भारतीय सेना की लीगल विंग में डिप्टी जज के पद पर कार्यरत मेजर मुकुल देव ने सरकार को कानूनी नोटिस भेज कर चेतावनी दी है.

2. कानून का उल्लंघन कर रही है मोदी सरकार

 

कर्नल मुकुल देव ने मोदी सरकार को भेजे नोटिस में लिखा है कि सेना के संविधान में कहीं भी राशन के बदले नकदी देने का उल्लेख नहीं है. रक्षा सचिव के माध्यम से भेजे गए नोटिस में सैन्य अधिकारी ने कहा कि अगर सरकार अपने इस प्रस्ताव को वापस नहीं लेती है तो सेना कोर्ट जाएगी. मोदी को 60 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है. कर्नल का कहना है कि रक्षा सेवा शर्त के मुताबिक सेना को मु्फ्त राशन देने की बात कही जाती है, इसलिए मोदी सरकार का यह निर्णय पूरी तरह अंसवैधानिक है.

वहीं सेना के लेफ्टिनेंट जनरल रिटायर्ड एसपीएस कटेवा का कहना है कि दुर्गम स्थानों पर अपने दायित्वों को निभाने वाली सेना को राशन के लिए कम से कम 250 रुपये रोजाना मिलनी चाहिए, किस हिसाब से 96 रुपये का प्रावधान किया जा रहा है, यह समझ से परे है.

Courtesy: theakhbaar

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