मराठा आरक्षण की आग में फिर सुलगा महाराष्ट्र, फेसबुक पोस्ट लिखने के बाद एक और शख्स ने की खुदकुशी

मराठा आरक्षण की आग में फिर सुलगा महाराष्ट्र, फेसबुक पोस्ट लिखने के बाद एक और शख्स ने की खुदकुशी

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर एक बार फिर नए सिरे से उबाल शुरू हो गया है। सोमवार (30 जुलाई) को पुणे में आरक्षण को लेकर जारी आंदोलन ने हिंसक रूप ले ली। प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों को आगे के हवाले कर दिया है और रास्तों पर चक्का जाम कर दिया है। यहां तक की चाकन इलाके में धारा 144 लागू करनी पड़ी, हालांकि देर शाम तक माहौल शांत होने के बाद धारा 144 हटा ली गई।

कुछ मराठा संगठनों ने चाकन इलाके में सोमवार को बंद का आह्वान किया था और रैली आयोजित की गई थी। दरअसल, मराठा आरक्षण आंदोलन के तहत पुणे के नजदीक चाकण में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। इस प्रदर्शन के बाद ही चाकण में आंदोलन अचानक हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने रोड जाम कर दिए और तोड़फोड़ शूरू कर दी।

पुलिस ने उपद्रवियों पर काबू पाने की पूरी कोशिश की लेकिन हालात बेकाबू होते देख उन्हें आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को गाड़ियों को भी निशाना बनाया है। राजनैतिक रूप से प्रभावशाली मराठा समुदाय नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। राज्य की जनसंख्या में इनकी तकरीबन 30 फीसदी आबादी है।

एक और शख्स ने की खुदकुशी

इस बीच, मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 35 वर्षीय एक व्यक्ति ने औरंगाबाद में चलती ट्रेन के सामने छलांग लगाकर कथित रूप से खुदकुशी कर ली। मुकुंदवाड़ी थाने के वरिष्ठ निरीक्षक नाथा जाधव ने बताया कि प्रमोद जयसिंह होरे (35 वर्ष) ने एक दिन पहले फेसबुक और व्हाट्सऐप पर लिखा था कि वह आरक्षण की मांग के समर्थन में अपनी जान दे देगा। उसने मुकुंदवाड़ी क्षेत्र में चलती ट्रेन के सामने कथित रूप से छलांग लगा दी। पिछले एक हफ्ते में मराठा आरक्षण को लेकर यह चौथी मौत है।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, जयसिंह ने फेसबुक पर लिखा था, ‘आज एक मराठा छोड़कर जा रहा है….लेकिन मराठा आरक्षण के लिए कुछ कीजिए।’ जयसिंह ने यह संदेश मराठी में लिखा। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी में जुटे जयसिंह ने एक अन्य संदेश में लिखा था, ‘मराठा आरक्षण एक जान लेगा।’ उसके कई दोस्तों ने उससे ऐसा नहीं करने का अनुरोध किया लेकिन उसने किसी की भी नहीं सुनी।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जयसिंह का शव रेल पटरी पर मिला। उसकी खुदकुशी की खबर सुनकर बड़ी संख्या में लोग उसके घर के बाहर इकट्ठा हो गए। उसके परिजन ने कहा कि वे तब तक अर्थी नहीं उठाएंगे जब तक राज्य सरकार आरक्षण के मुद्दे पर अंतिम निर्णय नहीं ले लेती। महाराष्ट्र में मराठा समुदाय आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है।

जाधव के मुताबिक, जयसिंह मुकुंदवाड़ी में एक दुकान चलाता था और उसकी पत्नी ग्रामसेविका थी। इससे पहले पिछले हफ्ते दो लोग आरक्षण की मांग को लेकर आत्महत्या कर चुके हैं, जबकि एक की जान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में गई। वहीं, आरक्षण समर्थक कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों पर दबाव बनाने के लिए जालना रोड जाम कर दिया।

 

Courtesy: jantakareporter

Categories: Crime