2019 की हार से बचने के लिए बीजेपी NRC के ज़रिए पूर्वी भारत में ‘नफ़रत’ फैलाना चाहती हैः पंखुड़ी पाठक

2019 की हार से बचने के लिए बीजेपी NRC के ज़रिए पूर्वी भारत में ‘नफ़रत’ फैलाना चाहती हैः पंखुड़ी पाठक

मोदी सरकार ने असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) की दूसरी लिस्ट सोमवार तो प्रकाशित करते हुए एक झटके में 40 लाख लोगों को गैरभारतीय करार दे दिया।

अब इस मामले पर विपक्षी दल मोदी सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है की आखिर वो लोग सालों से भारत में रह रहे आखिर में कैसे राष्ट्रीयता कैसे साबित करेंगें? विपक्ष ने आरोप लगाया है की इससे दुनियाभर में गलत संदेश जायेगा।

समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने सोशल मीडिया पर लिखा, जो अभी तक असम वालों को ‘चिंकी’ कहते थे और भारतीय नहीं मानते थे , उन्हीं को इस समय असम की सबसे ज़्यादा चिंता हो रही है!

#NRCForSecureIndia सिर्फ़ पूर्वी भारत में नफ़रत फैलाने की चाल है क्यूँकि और किसी तरह से भाजपा 2019 का चुनाव जीत नहीं सकती।

 

गौरतलब हो कि असम में 3.29 करोड़ आवेदकों में से 2.90 करोड़ आवेदक वैध पाए गए हैं। 40 लाख आवेदकों का नाम ड्राफ्ट से गायब है। हालांकि लिस्ट को जारी करने के साथ यह भी कहा गया है कि जिन लोगों का नाम शामिल नहीं है, वे दावा और आपत्तियां जता सकते हैं।

बता दें कि एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट सोमवार को प्रकाशित किया गया। एनआरसी समन्वयक शैलेश ने सोमवार को गुवाहाटी में फाइनल ड्राफ्ट जारी किया था। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि यह महज ड्राफ्ट है और अंतिम लिस्ट नहीं है। जिन लोगों का नाम शामिल नहीं है, वे दावा और अप्पतियां जता सकते हैं।

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