मोदी भक्ति में लीन हुआ ABP न्यूज़, मैनेजिंग एडिटर ने मारी लात, इस्तीफ़ा देकर लगाया बड़ा आरोप

मोदी भक्ति में लीन हुआ ABP न्यूज़, मैनेजिंग एडिटर ने मारी लात, इस्तीफ़ा देकर लगाया बड़ा आरोप

देश के जाने-माने न्यूज़ चैनल एबीपी न्यूज़ आजकल काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में खबर सामने आई है कि चैनल के वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेई के शो मास्टर स्ट्रोक को बीजेपी दशकों तक पहुंचने नहीं दे रही है। क्योंकि पुण्य प्रसून बाजपेई अपने इस शो के जरिए मोदी सरकार की गंदी नीयत जनता के सामने लाते हैं।

1. मीडिया को अपना गुलाम बना रही बीजेपी

आपको बता दें कि पुण्य प्रसून जोशी बाजपेई का शो मास्टर स्ट्रोक रात 9 से 10 बजे तक ABP न्यूज़ पर आता है। लेकिन हाल ही में दर्शकों ने यह शिकायत दर्ज करवाई है कि जैसे ही शो शुरू होता है।  तभी चैनल के सिग्नल खराब हो जाते हैं। जिसके चलते उन्हें शो देखने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। माना जा रहा है कि इस घटिया हरकत के पीछे बीजेपी का हाथ है।

2. ABP के मैनेजिंग एडिटर ने दिया इस्तीफा

वहीं अब खबर सामने आ रही है कि ABP न्यूज़ के मैनेजिंग एडिटर और डिजिटल डिपार्टमेंट के हेड मिलिंद खांडेकर ने भी अपनी पोस्ट से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे की जानकारी मिलिंद ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर के जरिए दी है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि 14 साल और 8 दिनों के बाद वह वक्त आ गया है कि अब अपने जीवन में आगे बढ़ा जाए। आज ABP न्यूज़ में बतौर मैनेजिंग एडिटर मेरा आखिरी दिन था। जो लोग इस दौरान मेरी जिंदगी का हिस्सा बने रहे उन सभी को मैं शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।

3. मोदी सरकार के खिलाफ की थी रिपोर्टिंग

अभी तक मिलिंद खांडेकर में अपने इस्तीफे की वजह सार्वजनिक नहीं की है। दरअसल ABP न्यूज़ के खिलाफ मोदी सरकार के विरोध में कवरेज करने का मामला सामने आया था। हाल ही में चैनल के प्राइम टाइम के प्रोग्राम मास्टर स्ट्रोक में बीते महीने यह साबित किया गया था कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में एक महिला से बीजेपी की झूठी उपलब्धियों की तारीफ से करवाई गई है।

4. पुण्य प्रसून जोशी के प्रोग्राम को बंद कराना चाहती है बीजेपी

ABP न्यूज़ की इस रिपोर्ट पर केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने नाराज़गी जाहिर की थी। जिसके बाद से ही पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी के प्रोग्राम मास्टर स्ट्रोक को दर्शकों तक पहुंचने नहीं दिया जा रहा। लोगों का आरोप है कि ये बाधाएं सरकार द्वारा पैदा की जा रही हैं।

निष्कर्ष: गौरतलब है कि मोदीराज में ज्यादातार मीडिया हाउस उन्ही के तलवे चाट रहे हैं। लेकिन कुछ पत्रकार अपने उसूलों से समझौता नहीं करते, जिसके चलते सरकार उन्हें निशाना बना रही है।

 

Courtesy: theakhbaar.

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